उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. बांगरमऊ में हुए बहुचर्चित साधु मिलन दास हत्याकांड के मुख्य आरोपी इजराइल उर्फ इसराइल को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है. सोमवार तड़के करीब 3:40 बजे आगरा एक्सप्रेस-वे हवाई पट्टी के पास हुई इस मुठभेड़ में ₹1 लाख के इनामी बदमाश इजराइल का अंत हो गया. इस दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी को गोली लगी, जिसके बाद अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
ADVERTISEMENT
मुखबिर की सूचना पर SOG और पुलिस ने घेरा
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह बांगरमऊ थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम आगरा एक्सप्रेस-वे के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि साधु मिलन दास की बेरहमी से हत्या करने वाला मुख्य आरोपी इजराइल ताजपुर अंडरपास के पास अपने किसी साथी का इंतजार कर रहा है.
सूचना मिलते ही एसओजी और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर अंडरपास के पास इजराइल की घेराबंदी कर ली. पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
मुठभेड़ में पुलिसकर्मी भी जख्मी
बदमाश इजराइल की तरफ से की गई फायरिंग में एक गोली उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे वे बाल-बाल बच गए. वहीं, दूसरी गोली एसओजी टीम के आरक्षी विकास भदौरिया के हाथ में जा लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी इजराइल को गोलियां लगीं. पुलिस उसे तुरंत बांगरमऊ अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने एनकाउंटर वाली जगह से एक तमंचा और साधु की हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है.
क्या था पूरा विवाद और क्यों हुई थी साधु की हत्या?
बीते 9 जून को बांगरमऊ कस्बे के घरा टोला निवासी साधु मिलन दास की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. साधु मिलन दास एक निर्माणाधीन राम मंदिर में पूजा-पाठ करते थे और सन्यासी जीवन जीते थे. घटना के दिन वे दोपहर में पुरबिया टोला इलाके की तरफ गए थे, जहाँ कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हो गया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी.
मृतक साधु के परिजनों और हिंदू संगठनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि मंदिर निर्माण और वहां होने वाले भजन-कीर्तन को लेकर कुछ लोग काफी समय से आपत्ति जता रहे थे. परिजनों का दावा था कि आरोपी इजराइल और उसके साथी साधु को स्थानीय सभासद अतीक के अहाते में ले गए थे और वहीं उनकी हत्या की गई थी.
योगी सरकार का एक्शन, चल चुका है बुलडोजर
इस हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया था. पुलिस की इस कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन की मौजूदगी में आरोपी पक्ष पर बुलडोजर एक्शन भी देखने को मिला था. प्रशासन ने स्थानीय सभासद अतीक की अवैध रूप से बनी झोपड़ी और अहाते की बाउंड्री वॉल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था. अब मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
ADVERTISEMENT


