उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आखिरकार रविवार, 17 मई को मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया. विभागों की लिस्ट सामने आते ही उन तमाम कयासों पर विराम लग गया है. जिनमें पुराने मंत्रियों से विभाग छीनकर नए मंत्रियों को दिए जाने की बात कही जा रही थी. इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) से बगावत कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडे को एक बेहद भारी-भरकम और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. मनोज पांडे को विभाग मिलने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए तंज कसा, जिस पर अब कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे का तीखा काउंटर अटैक सामने आया है.
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मनोज पांडे को मिला भारी-भरकम मंत्रालय
योगी सरकार के नए मंत्रियों के पोर्टफोलियो में मनोज पांडे को खाद्य रसद और नागरिक आपूर्ति (Food and Civil Supplies) जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिली है. जबकि बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को एमएसएमई (MSME) मंत्रालय से ही संतोष करना पड़ा है. जैसे ही मंत्रियों के विभागों की सूची सार्वजनिक हुई, अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिस्ट शेयर करते हुए एक कहावत लिखी, "अपने लोग फिस, आन गांव का सिद्ध..." अखिलेश का इशारा साफ तौर पर सपा छोड़कर भाजपा में गए नेताओं की तरफ था.
मनोज पांडे ने ऐसे दिया जवाब
अखिलेश यादव के इस तंज पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने उन्हें उनके परिवार का इतिहास याद दिला दिया. मनोज पांडे ने कहा, "यह बात (कहावत) कभी दादा शिवपाल सिंह यादव खुद अखिलेश यादव के लिए कहा करते थे, इसलिए अखिलेश जी को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले जरा खुद आत्ममंथन कर लेना चाहिए. " उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव को दूसरों को नसीहत देने के बजाय अपने घर और पार्टी को ठीक करने की जरूरत है, क्योंकि यह स्थिति उनके परिवार में कई बार देखी जा चुकी है.
25 करोड़ जनता के हित में करेंगे काम
कैबिनेट बैठक के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मनोज पांडे ने अपनी नई भूमिका को लेकर संकल्प जताया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के जरिए उन्हें विभाग मिलने की जानकारी मिली है. मुख्यमंत्री और पार्टी ने उन्हें जो भी दायित्व सौंपा है, उसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हित में शत-प्रतिशत जमीन पर उतारना ही उनका मुख्य संकल्प है. उन्होंने माना कि नई भूमिकाओं के साथ नई चुनौतियां भी हैं, लेकिन वे जनता की चीजें हूबहू जनता तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. दिल्ली दौरे के बाद भी चली सिर्फ 'योगी' की
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 मई को दो कैबिनेट मंत्रियों, दो स्वतंत्र प्रभार और चार राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई थी, जिसके एक हफ्ते बाद विभागों का बंटवारा हुआ. इस बंटवारे से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी. राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि मंत्रियों के चेहरों की तरह विभागों का फैसला भी दिल्ली से ही तय होगा, लेकिन अंतिम सूची आने के बाद यह साफ हो गया कि विभागों के आवंटन में सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद ही चली है.
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