हापुड़: सगी मां ने अपनी ही अफसर बिटिया के खिलाफ करवा दी गंभीर धाराओं में केस दर्ज, रिश्वत लेने से जमीन हड़पने तक लगाए कई गंभीर आरोप

राहुल कुमार

• 04:12 PM • 03 Jul 2026

हापुड़ की जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी पर उनकी ही सगी मां ने रिश्वत की काली कमाई छिपाने के लिए उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करने और फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है.

हापुड़ से रिश्वत लेने का मामला
हापुड़ से रिश्वत लेने का मामला
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग मां को अपनी ही अफसर बेटी के खिलाफ कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा है. हापुड़ जिले में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी पर उनकी सगी मां ने रिश्वत की काली कमाई छिपाने के लिए उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करने, फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन हड़पने की साजिश रचने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. सहारनपुर पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर आरोपी अफसर बेटी समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

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गाजियाबाद के बैंक खाते से खुला 'काली कमाई' का राज

ये मामला सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र की है. सरसावा की रहने वाली बुजुर्ग महिला मुनेश रानी ने अपनी सगी बेटी सीमा चौधरी (वर्तमान में हापुड़ में डीएसओ) के खिलाफ मोर्चा खोला है. मुनेश रानी का आरोप है कि उनकी बेटी सीमा चौधरी ने उनकी जानकारी के बिना गाजियाबाद की ICICI बैंक में उनके नाम से एक बैंक खाता खुलवाया था. इस खाते का पूरा संचालन सीमा चौधरी खुद ही गुपचुप तरीके से करती थीं. इस बात का खुलासा तब हुआ जब एक दिन मुनेश रानी के मोबाइल पर अचानक एक मैसेज आया, जिसमें खाते में ₹15 लाख रुपये जमा होने की बात लिखी थी. जब बुजुर्ग मां ने बैंक जाकर छानबीन की, तो उनके होश उड़ गए. मां का सीधा आरोप है कि अफसर बेटी सीमा चौधरी ने अपनी रिश्वत और कथित काली कमाई को छुपाने के लिए अपनी बूढ़ी मां के बैंक खाते को एक ढाल (सरोगेट) के रूप में इस्तेमाल किया.

भूमाफियाओं के साथ मिलकर फर्जी साइन किए

मामला सिर्फ बैंक खाते तक ही सीमित नहीं रहा. मुनेश रानी का आरोप है कि उनकी बेटी सीमा चौधरी ने इलाके के एक भूमाफिया गिरोह के साथ हाथ मिला लिया. आरोप के मुताबिक, सीमा ने संजीव कुमार, राजेंद्र राणा, गंभीर और नरेश कुमार नाम के व्यक्तियों के साथ मिलकर 16 सितंबर 2023 की एक फर्जी रसीद तैयार की. इस रसीद पर मुनेश रानी के जाली (फर्जी) हस्ताक्षर किए गए ताकि उनकी जमीन को हड़पा जा सके. जब तहसील प्रशासन के जरिए मां को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने अपने हस्ताक्षरों की जांच करवाई, जिसमें साफ हुआ कि वह दस्तखत मुनेश रानी के थे ही नहीं.

विरोध करने पर मिली जान से मारने की धमकी

पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इस जालसाजी और धोखाधड़ी का विरोध किया, तो अफसर बेटी और उसके गुर्गों ने उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली. खौफ के साए में जी रही बुजुर्ग मां अपनी जमीन को बचाने के लिए अंततः उसे देहरादून की एक महिला को बेचने पर मजबूर हो गईं.

न्याय के लिए दर-दर भटक रही बुजुर्ग मां ने सबसे पहले 13 मई को थाना सरसावा में शिकायत दी थी, लेकिन मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण स्थानीय पुलिस टालमटोल करती रही. इसके बाद थकी-हारी मां सहारनपुर के एसएसपी के पास पहुंचीं. एसएसपी के सख्त निर्देश के बाद आखिरकार 30 जून की शाम को थाना सरसावा में आरोपी डीएसओ सीमा चौधरी समेत पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

सहारनपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप पाए गए हैं, जिसके आधार पर अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की गहराई से विवेचना की जा रही है. इस घटना के बाद से हापुड़ की डीएसओ सीमा चौधरी की मुश्किलें काफी बढ़ती नजर आ रही हैं.