उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में इन दिनों रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. इस बीच, गैस की कालाबाजारी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने एक गैस एजेंसी पर अचानक छापेमारी की, जहां भारी अनियमितताएं सामने आई हैं.
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पोर्टल पर सब ठीक, जमीन पर गायब थे सिलेंडर
छापेमारी के दौरान एसडीएम तब हैरान रह गए जब उन्होंने एजेंसी के स्टॉक और ऑनलाइन पोर्टल का मिलान किया. सरकारी पोर्टल पर एजेंसी के पास 916 सिलेंडर दर्ज थे, लेकिन मौके पर गिनती करने पर स्टॉक काफी कम मिला.
जांच में सामने आया कि लगभग 600 घरेलू और 115 कमर्शियल सिलेंडरों की हेराफेरी की गई है. इन्हें ऊंचे दामों पर होटल और अन्य व्यावसायिक जगहों पर खपाया जा रहा था.
उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले 4-5 दिनों से गैस के लिए भटक रहे हैं. भीषण धूप में घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा. चर्चा है कि ईरान-इजरायल युद्ध की खबरों के बीच गैस किल्लत का डर दिखाकर एजेंसी संचालक मुनाफाखोरी और कालाबाजारी कर रहे हैं.
सख्त कार्रवाई के निर्देश
एसडीएम ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी (डीएम) को सौंप दी है. प्रशासन के सख्त रुख के बाद संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हक की गैस की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
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