ASP Anuj Chaudhary News: अपने कड़क और 'राउडी' अंदाज के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के चर्चित अधिकारी और फिरोजाबाद के एएसपी (ASP) अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं. आगामी गंगा दशहरा और बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहारों को देखते हुए एएसपी अनुज चौधरी ने सख्त रुख अख्तियार किया है. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि त्योहारों के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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पीस कमेटी की बैठक में दो टूक संदेश
आगामी त्योहारों के मद्देनजर फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में पुलिस द्वारा फुट मार्च निकाला गया, जिसके बाद एएसपी अनुज चौधरी ने क्षेत्र के मौलवियों, मुतवलियों और जिम्मेदार नागरिकों के साथ पीस कमेटी (शांति समिति) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई.
इस बैठक में एएसपी ने सरकार के दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करते हुए कहा कि आगामी 25 तारीख को गंगा दशहरा और 28 तारीख को बकरीद का त्योहार है. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को नियमों का पालन करना होगा. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी.
सोशल मीडिया पर 'लाइव कुर्बानी' को लेकर बड़ी चेतावनी
एएसपी अनुज चौधरी ने तकनीक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा, "यह बात सभी को पहले से अच्छी तरह अवगत करा दी जाए कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर कुर्बानी का वीडियो या लाइव पोस्ट नहीं करेगा. अगर किसी ने भी ऐसा भ्रामक या संवेदनशील कंटेंट शेयर किया, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा." बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और मौलवियों ने पुलिस प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने का पूरा आश्वासन दिया है.
बयानों और सख्त एक्शन से पहले भी बटोर चुके हैं सुर्खियां
एएसपी अनुज चौधरी यूपी पुलिस के उन अधिकारियों में शामिल हैं जिनका नाम हर बड़े त्योहार पर सुर्खियों में आ जाता है. इससे पहले संभल में तैनाती के दौरान उनका एक बयान- "होली साल में एक बार आती है और जुम्मा 52 बार आता है" पूरे देश में जमकर वायरल हुआ था. संभल हिंसा के दौरान भी वह सीधे चर्चा के केंद्र में रहे थे, जहां कोर्ट ने उन पर एफआईआर के आदेश दिए थे, हालांकि बाद में उन्हें हाई कोर्ट से राहत मिल गई थी.
फिलहाल, बकरीद और गंगा दशहरा को लेकर दिए गए उनके इस नए अल्टीमेटम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. प्रशासन का मैसेज बिल्कुल साफ है. त्योहार की खुशियां शांति से मनाएं, कानून हाथ में लेने की कोशिश की तो अंजाम भुगतना होगा.
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