उत्तर प्रदेश में खाकी की वर्दी पहनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में 81,000 पुलिस पदों पर नई भर्ती की घोषणा ने अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा भर दी है. संगम नगरी प्रयागराज, जिसे प्रतियोगी परीक्षाओं का गढ़ माना जाता है, वहां के कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं इस खबर को सुनकर भावुक हो गए.
ADVERTISEMENT
यह सिर्फ नौकरी नहीं, परिवार की आखिरी उम्मीद है
प्रयागराज में तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह वैकेंसी महज एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि उनके संघर्षपूर्ण जीवन को बदलने का एक माध्यम है.
साधना यादव, जो भदोही से आकर तैयारी कर रही हैं, कैमरे पर बात करते हुए भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि उनके पिता प्राइवेट जॉब करते हैं और वह अपने घर की पहली और आखिरी उम्मीद हैं. खुशी चौहान जिनके सिर पर पिता का साया नहीं है, उन्होंने सिसकते हुए बताया कि यह नौकरी उनके भाई-बहनों के भविष्य और परिवार के सहारे के लिए कितनी जरूरी है. बहराइच से आए राज सिंह ने बताया कि यह उनके लिए उम्र के लिहाज से आखिरी मौका है. अगर इस बार चूक गए, तो वह ओवरएज हो जाएंगे.
किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों का सहारा
कोचिंग में पढ़ रहे ज्यादातर छात्र किसान या मध्यमवर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखते हैं. आजमगढ़ से आए एक छात्र ने बताया कि गांव में पिता किसानी करते हैं और बड़ी मुश्किल से खर्चा भेजते हैं. 81 हजार पदों की इस बड़ी भर्ती ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि इस बार उनकी मेहनत रंग लाएगी और घर की माली हालत सुधरेगी.
सरकार को दिया धन्यवाद
प्रयागराज के छात्रों ने समय पर वैकेंसी निकालने के लिए योगी सरकार को धन्यवाद दिया. अभ्यर्थियों का कहना है कि वैकेंसी आने से न सिर्फ उनका मनोबल बढ़ा है, बल्कि उनके माता-पिता के चेहरे पर भी मुस्कान आई है. छात्र अब दिन-रात एक करके इस 'उम्मीदों की परीक्षा' को पास करने की तैयारी में जुट गए हैं.
ADVERTISEMENT


