उत्तर प्रदेश पुलिस के ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जो ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील्स (Reels) बनाते हैं और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करते हैं, उनके खिलाफ अब बेहद सख्त एक्शन की तैयारी कर ली गई है. यूपी पुलिस मुख्यालय ने इस तरह की अनुशासनहीनता को रोकने के लिए एक फुल प्रूफ प्लान तैयार किया है.
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अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, जनपदों और इकाइयों के प्रभारियों को एक कड़ा आधिकारिक पत्र जारी किया है. इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मचना तय माना जा रहा है.
सोशल मीडिया पॉलिसी 2023 का हवाला
ADG अमिताभ यश द्वारा जारी की गई चिट्ठी में साफ तौर पर कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 8 फरवरी 2023 को एक 'सोशल मीडिया पॉलिसी' जारी की गई थी. इसके बावजूद यह देखने में आ रहा है कि कई सेवारत और प्रशिक्षु (ट्रेनी) पुलिसकर्मी इस नीति का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं [01:33]. वर्दी में बनाई जा रही रील्स और आपत्तिजनक पोस्ट से न केवल शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि यूपी पुलिस की गरिमा और छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
होगी सीधी कार्रवाई, हर महीने मुख्यालय जाएगी रिपोर्ट
नए आदेश के मुताबिक अब अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी जिलों और इकाइयों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि:
- अपने अधीन कार्य करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों को तुरंत चिन्हित करें जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं.
- चिन्हित किए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
- प्रत्येक महीने एक निर्धारित प्रोफार्मा (Format) के अनुसार, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे पुलिस मुख्यालय भेजी जाएगी.
पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली अनुशासित फोर्स में इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं है. तत्काल प्रभाव से लागू हुए इस आदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाएगी.
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