UP SIR List: 2027 के चुनाव से पहले 7 लाख वोट कटे, कहीं आपका नाम भी तो गायब नहीं? ऐसे करें चेक

उत्तर प्रदेश में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बाद 7 लाख से अधिक वोटर्स के नाम काट दिए गए हैं. मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं और नाम गायब होने पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं.

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रजत सिंह

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उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision - SIR) का काम पूरा हो चुका है. इस प्रक्रिया के बाद जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं. अनुमान है कि पश्चिम बंगाल के बाद सबसे ज्यादा नाम उत्तर प्रदेश में ही काटे गए हैं. जानकारी के मुताबिक, लगभग 7 लाख से अधिक नाम अब चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह जानना आपके लिए बहुत जरूरी है कि क्या आप अभी भी वोट डालने के योग्य हैं या नहीं.

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कैसे चेक करें SIR लिस्ट में अपना नाम?

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित है या नहीं, तो आप इन आसान तरीकों से जांच कर सकते हैं:

  • आधिकारिक वेबसाइट: चुनाव आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं. यहाँ 'Search Your Name in Last SIR' पर क्लिक करें. इसके बाद अपने प्रदेश, जिले और विधानसभा का चयन कर अपनी जानकारी भरें.
  • ECI Net App: आप गूगल प्ले स्टोर से चुनाव आयोग का आधिकारिक ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और वहां भी अपनी जानकारी डालकर नाम चेक कर सकते हैं.
  • PDF डाउनलोड: वेबसाइट पर जाकर आप अपने जिले और विधानसभा के अनुसार मतदाता सूची (Voter Roll) की पीडीएफ भी डाउनलोड कर सकते हैं और उसमें अपना नाम देख सकते हैं.
  • QR कोड: चुनाव आयोग के पोस्टर्स पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी आप सीधे अपना नाम खोज सकते हैं.

नाम नहीं मिलने पर क्या करें?

यदि लिस्ट में आपका नाम नहीं मिल रहा है, तो घबराएं नहीं. आप फॉर्म 6 (Form 6) भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं. इसके लिए आपको जरूरी दस्तावेज और पते का प्रमाण देना होगा. चुनाव आयोग आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और उसके बाद आपको फिर से वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा.

राजनीतिक हलचल तेज

7 लाख वोट काटे जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है. राजनीतिक पार्टियां डेमोग्राफी में होने वाले बदलावों का आकलन कर रही हैं. सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या शहरी क्षेत्रों में नाम कटने से भाजपा को नुकसान होगा या ग्रामीण और मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में नाम कटने से समाजवादी पार्टी प्रभावित होगी. खैर, ये तो भविष्य की बात है, लेकिन एक जागरूक नागरिक होने के नाते आप अपनी वोट की शक्ति को जरूर जांच लें.


 

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