उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ ली है जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. मौसम विभाग (IMD) ने 6 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश भीषण आंधी और आसमानी बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी (High Alert) जारी की है.
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आसमान में छाए काले बादलों की गर्जना और बिजली की कड़क लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है.
पूर्वांचल और तराई के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई से सटे जिलों में मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, निम्नलिखित जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है:
- देवरिया
- मऊ
- बलिया
- गाजीपुर
- चंदौली
- बरेली
- पीलीभीत
- बहराइच
- श्रावस्ती
इन इलाकों में भारी बारिश के कारण निचले हिस्सों में जलभराव (Waterlogging) और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
पश्चिमी और मध्य यूपी में भी अलर्ट जारी
भारी बारिश का यह दौर केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के भी कई जिले इसकी जद में हैं. मौसम विभाग ने बिजनौर, मेरठ, अमरोहा, हापुड़, मुरादाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव और कानपुर में भीषण बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. तेज आंधी-तूफान के कारण इन क्षेत्रों में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क यातायात ठप होने का खतरा बना हुआ है.
इसके अलावा, राजधानी लखनऊ, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), शामली, शाहजहांपुर, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, जौनपुर और कौशांबी में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है.
लखनऊ में कैसा रहेगा तापमान?
राजधानी लखनऊ में बारिश के चलते लोगों को भीषण उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. यहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
मौसम विभाग की जरूरी सलाह: खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. आंधी और बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. किसानों को भी अपनी फसलों और खेती के कार्यों को मौसम की स्थिति देखकर ही करने की सलाह दी गई है.
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