इजरायल के एक बंकर में बलिया के यादव जी ने ओढ़ ली रजाई, वीडियो शेयर कर शिवा ने कहा- बम फूट रहे...बाकी राम बचाए

इज़रायल-ईरान संघर्ष के बीच सिद्धार्थनगर का युवक शिवा सिंह वहां फंसा है. हमलों के सायरन, बंकरों में शरण और धमाकों के वीडियो परिवार तक पहुंचे तो घर में दहशत फैल गई. परिजनों ने सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील की है.

UP youth stuck in Israel
UP youth stuck in Israel

अनिल तिवारी

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UP youth stuck in Israel: ईरान और इज़रायल के बीच जारी तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों देशों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं. रविवार को स्थिति और गंभीर हो गई जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की हमले में मौत की खबर सामने आई. इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए. इस बढ़ते तनाव के बीच वहां घूमने या काम के सिलसिले में गए भारतीय नागरिकों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है.

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इसी बीच उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले का रहने वाला युवक शिवा सिंह भी इजरायल में फंसे हुए हैं. परिवार के मुताबिक वो लगातार उनसे संपर्क में है लेकिन युद्ध जैसे हालातों को लेकर घरवालों की चिंता बढ़ती जा रही है. शिवा सिंह ने इजरायल में मौजूदा हालात को लेकर अपने परिवार को दो वीडियो भेजे हैं. इन वीडियो में हमले के बाद का माहौल और सायरन की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिन्हें देखकर परिजन बेहद डरे और चिंतित हैं.

वीडियो में कहा सायरन बजते ही बंकरों की ओर भागते हैं लोग

शिवा ने वीडियो के जरिए बताया कि वहां हालात काफी डरावने. उन्होंने बताया कि खामेनेई की मौत के बाद यहां लगातार मिसाइलें से हमले किए जा रहे हैं. हम लोग रातभर बंकर में रहे, सोय तक नहीं. इस दौरान वे वीडियो में अपने साथ रह रहे अन्य युवको इंट्रोड्यूस करवाते हैं. वे कहते हैं कि इनमें एक बिहार के गोपालगंज 2 यूपी के बलिया से हैं. शिवा कहते हैं कि वे चाय पीने  ऊपर आए थे. उन्होंने बताया कि जैसे ही सायरन बजता है, उन्हें तुरंत कमरे से निकलकर बंकरों में भागना पड़ता है. शिवा के मुताबिक, हर तरफ धमाकों की आवाजें सुनाई देती हैं, जिससे वहां रह रहे भारतीयों में दहशत का माहौल है.

पंचायत सहायक की नौकरी छोड़ गए थे इजरायल

जानकारी के मुताबिक शिवा सिंह सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं और उनके पिता संत बहादुर सिंह की साल 2024 में गंभीर बीमारी से मृत्यु हो चुकी है. घर में उनकी बुजुर्ग मां नीलू सिंह और छोटा भाई ऋतिक रहते हैं. शिवा ने बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद गांव में ही पंचायत सहायक के पद पर नौकरी शुरू की थी. लेकिन बेहतर भविष्य की तलाश में वो 26 सितंबर 2024 को इजरायल चले गए थे और वहां फिलहाल एक कंपनी में शटरिंग सुपरवाइजर के पद पर काम कर रहे हैं.

बेटे की सलामती के लिए मां की सरकार से अपील

शिवा की मां नीलू सिंह अपने बेटे के लिए बेहद चिंतित हैं. उन्होंने बताया कि बेटे से लगातार फोन पर बात हो रही है. नीलू सिंह का कहना है कि बेटा बता रहा है कि मिसाइलें दग रही हैं और सायरन बजने पर वे छिप जाते हैं. मां ने भावुक होते हुए कहा कि बच्चे बाहर रहेंगे तो डर तो बना ही रहेगा. उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वहां फंसे बच्चों के लिए जो भी सुविधा हो सके वह करें ताकि बच्चे सही सलामत घर वापस आ सकें.

छोटा भाई बोला- अगर स्थिति बिगड़े तो वापस लाए सरकार

शिवा के छोटे भाई ऋतिक सिंह ने बताया कि वे हर आधे घंटे में शिवा से बात कर रहे हैं ताकि वहां की पल-पल की जानकारी मिलती रहे. ऋतिक का कहना है कि उनके भाई अभी सुरक्षित स्थान पर हैं, लेकिन युद्ध के कारण डर का माहौल बना हुआ है. ऋतिक ने भारत सरकार से मांग की है कि इजरायल में मौजूद सभी भारतीय भाइयों की सुरक्षा का ख्याल रखा जाए और अगर स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण होती है, तो उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने का इंतजाम किया जाए.

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