UP SI Topper Interview :उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जारी किए गए यूपीएसआई (4543 पद) भर्ती परीक्षा के परिणाम में बाराबंकी जिले के एक छोटे से गांव के छात्र ने इतिहास रच दिया है. बाराबंकी के भनौली गांव के रहने वाले सौरभ वर्मा ने इस बेहद प्रतिस्पर्धी और हाई कट-ऑफ वाली परीक्षा में पूरे प्रदेश में पहली रैंक (Rank 1) हासिल की है. 160 प्रश्नों में से 154 प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले सौरभ की यह सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
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सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर
सौरभ वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा भनौली गांव के ही एक सरकारी स्कूल से कक्षा 6 से 8 तक हुई. इसके बाद उन्होंने कक्षा 9 से 12वीं तक की पढ़ाई बाराबंकी के श्री साईं Inter College से पूरी की. सौरभ शुरुआत से ही मेधावी छात्र रहे हैं; उन्होंने यूपी बोर्ड से 10वीं कक्षा में 93.17 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में 89.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. उनके पिता एक शिक्षामित्र हैं, जिसके चलते घर में हमेशा पढ़ाई का अनुकूल माहौल रहा. उनकी माता एक गृहणी हैं, जो उन्हें पढ़ाई के लिए निरंतर प्रेरित और अनुशासित करती थीं.
करंट में 4 परीक्षाएं क्वालिफाइड, 2 के डीवीपीएसटी छोड़े
सौरभ की सफलता की कहानी सिर्फ यूपीएसआई तक सीमित नहीं है. वर्ष 2023 से प्रतियोगी परीक्षाएं देना शुरू करने वाले सौरभ ने एक के बाद एक कई परीक्षाएं पास की हैं. इससे पहले वे एसएससी जीडी (SSC GD) और यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (60244 पद) में 250 अंक लाकर क्वालिफाई हो चुके थे. हालांकि, आगे बेहतर तैयारी जारी रखने और ट्रेनिंग के दौरान समय की कमी से बचने के लिए उन्होंने इन दोनों परीक्षाओं के डीवीपीएसटी (DV PST) चरण को छोड़ दिया था. इसके अलावा वर्तमान में वे दिल्ली पुलिस कांस्टेबल (78 अंक), एसएससी सीएचएसएल (AIR 250 के आसपास) और रेलवे एनटीपीसी सीबीटी-2 (100 अंक) की परीक्षाएं भी क्वालिफाई कर चुके हैं.
160 में से 154 सवाल कैसे किए सही?
सौरभ ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य एसएससी सीजीएल (SSC CGL 2025) था, जहां वे कंप्यूटर विषय में महज 1 अंक कम रहने के कारण अंतिम चयन से चूक गए थे. इसी एसएससी की मजबूत तैयारी के कारण यूपीएसआई में उनकी गणित और रीजनिंग काफी मजबूत रही. वहीं सामान्य ज्ञान (GS) और हिंदी की तैयारी के लिए उन्होंने 'एग्जामपुर' के विवेक सर के ऑनलाइन बैच से पढ़ाई की थी. उन्होंने परीक्षा में निगेटिव मार्किंग न होने का लाभ उठाते हुए सभी 160 प्रश्न हल किए थे, जिसमें उनके 154 सवाल बिल्कुल सही पाए गए.
सफलता का मूल मंत्र: निरंतरता और मॉक टेस्ट
यूपीएसआई टॉपर ने आगे आने वाले अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए कहा कि परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास सबसे जरूरी है. उन्होंने तैयारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले फ्री मॉक टेस्ट को सबसे अहम बताया. सौरभ के अनुसार, अधिक से अधिक मॉक टेस्ट लगाने से परीक्षा हॉल का डर दूर होता है, समय का सही प्रबंधन होता है और यह पता चलता है कि कौन से प्रश्न बार-बार दोहराए जा रहे हैं.
नंबर-1 आने पर पिता को नहीं हुआ था विश्वास
सौरभ ने बताया कि जब भर्ती बोर्ड का परिणाम घोषित हुआ, तो उन्होंने खुद टेलीग्राम पर लिस्ट देखी. जब उन्होंने घर में अपनी पहली रैंक के बारे में बताया, तो उनके पिता को एक बार में भरोसा नहीं हुआ. पिता ने रोल नंबर और एडमिट कार्ड को दो-तीन बार दोबारा चेक किया, जिसके बाद पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. सौरभ के दोस्तों का कहना है कि पढ़ाई को लेकर उनका समर्पण अद्भुत था, वे रोजाना 5 से 6 घंटे बिना किसी भटकाव के लाइब्रेरी में बिताते थे. फिलहाल सौरभ का मेडिकल टेस्ट होना शेष है, जिसके बाद वे बतौर उपनिरीक्षक (दरोगा) अपनी सेवाएं देंगे.
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