उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान 'एग्जामपुर' (Exampur Coaching Center) को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) और अग्निशमन विभाग (Fire Department) द्वारा सील कर दिया गया है. कोचिंग सेंटर के मुख्य द्वार पर महत्वपूर्ण सूचना का नोटिस चस्पा कर दिया गया है और बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. सुबह जब छात्र हमेशा की तरह पढ़ाई करने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए.
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यह पूरी कार्रवाई 29 मई 2026 को प्रयागराज की सड़कों पर प्रतियोगी छात्रों द्वारा निकाले गए एक विशाल कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन के ठीक बाद हुई है.
छात्रों के प्रोटेस्ट से जुड़ा है मामला?
दरअसल, 29 मई को प्रयागराज में लेखपाल भर्ती, यूपीएसआई (UPSI), एसएससी जीडी (SSC GD) भर्ती में धांधली और नीट (NEET) पेपर लीक जैसे युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भारी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला था. इस आंदोलन में छात्रों के साथ कई प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के शिक्षक भी शामिल थे, जिनमें एग्जामपुर कोचिंग के शिक्षक भी अग्रिम भूमिका में नजर आए थे. इस प्रोटेस्ट के ठीक दो दिन बाद, 31 मई की सुबह 'एग्जामपुर' समेत कई अन्य कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का डंडा चला है.
PDA और फायर ब्रिगेड ने नोटिस में क्या लिखा?
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने अपने नोटिस में साफ तौर पर लिखा है कि "यहाँ अनधिकृत होने के कारण यह निर्माण सील किया गया है." इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि सील तोड़ना या पुनः निर्माण करना दंडनीय अपराध होगा.
दूसरी ओर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्रमोहन शर्मा द्वारा जारी नोटिस में कोचिंग संस्थान की कई गंभीर कमियों को उजागर किया गया है और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए 3 दिन का समय दिया गया है.
फायर डिपार्टमेंट द्वारा बताई गई मुख्य कमियां:
बेसमेंट में कक्षाएं: जीव रक्षा के दृष्टिकोण से बेसमेंट में कक्षाओं का संचालन पूरी तरह से आपत्तिजनक पाया गया.
ज्वलनशील सामग्री का उपयोग: बेसमेंट में स्टाफ और विद्यार्थियों के रहने के लिए प्लाईवुड और पीवीसी (PVC) जैसी अत्यंत ज्वलनशील सामग्री से केबिन बनाए गए हैं.
निकास मार्ग बाधित: भवन के इमरजेंसी एग्जिट (निकास मार्ग) के लोहे के शटर पर ताला लगाकर रास्ता रोका गया था.
जनरेटर की गलत पोजीशन: निकास मार्ग पर ही जनरेटर स्थापित कर रास्ता पूरी तरह बाधित किया गया था.
खिड़कियां और बालकनी ब्लॉक: पूरे भवन की खिड़कियों और बालकनियों को पीवीसी एक्रिलिक शीट से पूरी तरह बंद किया गया था, जो आग लगने की स्थिति में खतरनाक साबित हो सकता है.
इलेक्ट्रिकल ऑडिट की कमी: विद्युत सुरक्षा निदेशालय से जरूरी इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट का प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था.
कार्रवाई पर शुरू हुई राजनीति
न केवल 'एग्जामपुर', बल्कि एमडी क्लासेस (MD Classes) समेत कई अन्य कोचिंग सेंटर्स पर भी इसी तरह की कार्रवाई की बात सामने आई है. इस कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. 'युवा हल्ला बोल' और कांग्रेस से जुड़े गोविंद मिश्रा ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "इलाहाबाद में लेखपाल भर्ती के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले टीचर्स के कोचिंग को सीज किया जा रहा है. लीक तंत्र में प्रदर्शन अपराध होता है."
प्रशासनिक स्तर पर भले ही इसे अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन की कार्रवाई बताया जा रहा हो, लेकिन छात्र और विपक्षी दल इसे सीधे तौर पर शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की सजा के रूप में देख रहे हैं. इस कार्रवाई के कारण फिलहाल वहां पढ़ने वाले हजारों प्रतियोगी छात्रों की पढ़ाई बाधित हो गई है.
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