उत्तर प्रदेश की पवित्र धर्मनगरी वृंदावन में ई-रिक्शा चालकों की आड़ में पनप रहे अपराधी किस तरह वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इसका एक बेहद हैरान करने वाला और भावुक मामला सामने आया है. भारत के सुप्रसिद्ध वेंट्रिलोक्विस्ट (बिना होंठ हिलाए पेट से आवाज निकालने वाले कलाकार) राहुल मिश्रा इन दिनों वृंदावन में एक बड़ी मुसीबत का सामना कर रहे हैं. देर रात परिक्रमा कर लौटते समय एक शातिर ई-रिक्शा चालक उनका पूरा सामान लेकर रफूचक्कर हो गया. इस चोरी से कलाकार पूरी तरह टूट चुके हैं क्योंकि चोरी किए गए बैग में उनका कोई साधारण सामान नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी बसी थी.
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प्रेमानंद जी महाराज के साथ वायरल हुआ था वीडियो
राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले राहुल मिश्रा देश के एक जाने-माने वेंट्रिलोक्विस्ट हैं. हाल ही में उनका एक वीडियो वृंदावन के प्रख्यात संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के साथ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इस वीडियो में राहुल मिश्रा ने अपने दो खास पपेट्स जोजो और जॉनी के जरिए प्रेमानंद जी से बातचीत की थी. राहुल की इस अद्भुत कला को देखकर हमेशा गंभीर रहने वाले प्रेमानंद जी महाराज भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और लगातार ठहाके लगाते नजर आए.
महाराज जी को यह प्रस्तुति इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने राहुल को वापस बुलाकर उनके पपेट्स 'जोजो' और 'जॉनी' को 500-500 रुपये का इनाम दिया, उन्हें सम्मानित किया और प्रसाद भी ग्रहण करवाया. जब राहुल वहां से बाहर निकले तो स्थानीय बृजवासियों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि उन्होंने महाराज जी को कभी इतना हंसते हुए नहीं देखा.
ई-रिक्शा की छत पर रखा था बैग
वारदात उस समय हुई जब राहुल मिश्रा देर रात वृंदावन की परिक्रमा पूरी कर अपने होटल वापस लौट रहे थे. उन्होंने एक ई-रिक्शा किराए पर लिया और अपना ट्रॉली बैग रिक्शा की छत पर रख दिया. इसी ट्रॉली बैग के अंदर उनके वो मशहूर पपेट्स 'जोजो' और 'जॉनी' रखे हुए थे. रास्ते में मौका पाकर ई-रिक्शा चालक सामान सहित रिक्शा लेकर भागने लगा. पीड़ित कलाकार राहुल मिश्रा ने शोर मचाते हुए दौड़कर उसे रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन शातिर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर तेजी से आंखों से ओझल हो गया.
थाने-चौकी भटक रहे कलाकार
इस घटना के बाद से पीड़ित कलाकार राहुल मिश्रा सदमे में हैं. उनका कहना है कि वे कल से ही पुलिस थाने और चौकियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है. राहुल ने भावुक होते हुए कहा कि उस बैग में रखे 'जोजो' और 'जॉनी' ही उनके लिए सब कुछ हैं, वे सिर्फ खिलौने नहीं बल्कि उनके करियर और परिवार का हिस्सा हैं.
आपको बता दें कि लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद राहुल डिप्रेशन में आ गए थे, तब दोस्तों के दिए इसी पपेट ने उनकी जिंदगी बदली थी और उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचाया था. राहुल का कहना है कि जब तक उनका वो ट्रॉली बैग नहीं मिल जाता, वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे और पुलिस से गुहार लगाते रहेंगे.
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