मवृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के मामले में अब परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं. मृतक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि उन्हें फोन के जरिए जानकारी मिली थी कि वह गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है. इसके बाद परिवार के लोग रात करीब 3 बजे वृंदावन पहुंचे.
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सोनू पटेल के मुताबिक, परिवार के लोग सबसे पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे. वहां उन्होंने साधक के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बाहर बैठने के लिए कहा गया. परिजनों का कहना है कि उन्हें सुबह 8 बजे के बाद मिलाने की बात कही गई. परिवार के लोग सुबह तक वहां बैठे रहे, लेकिन किसी ने उन्हें घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी. सोनू ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे वे वहां से निकल गए. इसके बाद भी उन्हें साधक की स्थिति या घटना को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.
2024 से आश्रम में रह रहे थे
सोनू पटेल ने बताया कि मृतक साल 2024 से वहां रह रहे थे. परिवार के लोग उनसे मिलने के लिए आश्रम जाते थे, लेकिन बाद में मुलाकात मुश्किल हो गई. परिजन के मुताबिक, जब से उन्होंने गुरुदीक्षा ली थी, तब से किसी को आसानी से मिलने नहीं दिया जाता था.
उन्होंने कहा कि परिवार के लोग मिलने के लिए जाते थे तो उन्हें एक-दो घंटे इंतजार करने के लिए कहा जाता था. कई बार उन्हें इंतजार करवाया जाता था. जीजा पटेल ने बताया कि उनके पास फोन नहीं था, फोन पर कभी बात नहीं हुई. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि किसी ने हत्या की या ऊपर से धक्का दिया, तो सोनू पटेल ने इस पर कोई दावा नहीं किया. उन्होंने कहा कि इस बारे में वह अभी कुछ नहीं बोल सकते.
'परिवार यहां मौजूद है, लेकिन आश्रम से कोई नहीं आया'
सोनू पटेल ने कहा कि इस समय परिवार के लोग यहां मौजूद हैं, लेकिन प्रेमानंद महाराज के आश्रम की ओर से कोई व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया. उन्होंने बताया कि आश्रम की तरफ से किसी ने उनसे कोई बातचीत भी नहीं की.
परिजन ने कहा कि ऐसी स्थिति में आश्रम की ओर से किसी व्यक्ति को परिवार के पास आना चाहिए था. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है.
फिलहाल मृतक की मौत को लेकर परिवार की ओर से भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं. मौत की वास्तविक वजह क्या है, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
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