उत्तर प्रदेश के वृंदावन में 10 अप्रैल को यमुना नदी में हुए भीषण नाव हादसे ने पूरे देश को दहला दिया है. श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट पीपा पुल से टकराकर केशी घाट के पास पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं. इस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखने वाले चश्मदीद राजकुमार ने यूपी तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
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चश्मदीद की जुबानी, हादसे की कहानी
हादसे के वक्त जुगल घाट पर मौजूद राजकुमार ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 2:30 से 2:45 बजे के बीच हुई. राजकुमार के अनुसार, "मोटर बोट पीपा पुल के बोरे से टकराई और देखते ही देखते यमुना नदी में पलट गई. नाव पलटते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई." राजकुमार ने बताया कि मौके पर मौजूद एक अन्य लड़के ने अपनी जान पर खेलकर करीब 2-2.5 लोगों को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला.
राधा नाम का जाप कर रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के मुताबिक, नाव पर सवार ज्यादातर श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना से आए थे. वे श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने के बाद यमुना नदी की सैर पर निकले थे. हादसे के ठीक पहले श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे हुए थे और 'राधा-राधा' नाम का जाप कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों बाद खुशियां मातम में बदल गईं.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 5 अब भी लापता
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला. एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें कल से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. देर रात कड़ी मशक्कत के बाद यमुना की गहराई में डूबी मोटर बोट को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 5 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है.
वृंदावन का यह हादसा सुरक्षा इंतजामों पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है. फिलहाल पूरा इलाका गमगीन है और लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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