अखिलेश यादव के सामने 'दंड बैठक' लगाने वाले सीताराम यादव कौन हैं? जानें इस वायरल वीडियो का पूरा सच

सुषमा पांडेय

06 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 6 2026 9:37 AM)

अखिलेश यादव के सामने दंड बैठक लगाने वाले झांसी के सीताराम यादव उर्फ कन्हैया लाल कौन हैं? जानिए वायरल हो रहे इस पुश-अप्स वीडियो और मुलायम सिंह यादव की पीतल की प्रतिमा सौंपने के पीछे की असली कहानी.

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क्या है इस वायरल वीडियो का सच?
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने जमीन पर दंड बैठक (पुश-अप्स) लगाता नजर आ रहा है. इस वीडियो को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कोई इसे नेता के प्रति अटूट समर्पण बता रहा है, तो राजनीतिक विरोधी इसे 'टिकट पाने की जुगत' कहकर तंज कस रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अखिलेश यादव के सामने पुश-अप्स लगाने वाला यह शख्स कौन है और इस वीडियो के पीछे की असल कहानी क्या है?

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कौन हैं सीताराम यादव 'कन्हैया'? 

अखिलेश यादव के सामने दंड बैठक लगाने वाले इस शख्स का नाम सीताराम यादव है, जिन्हें लोग 'कन्हैया लाल' के नाम से भी जानते हैं. वह उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रहने वाले हैं और पेशे से एक किसान हैं. साल 2023 में अपनी मां से प्रेरणा लेकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा. वह समाजवादी विचारधारा से गहराई से जुड़े हैं और मुलायम सिंह यादव के सिद्धांतों के बड़े प्रशंसक हैं.

क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई? 

वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि यह हाल ही का है या अखिलेश यादव के जन्मदिन (1 जुलाई) का है, जो कि पूरी तरह गलत है. असल में यह वीडियो जनवरी 2026 का है. सीताराम यादव अपनी बेटी की शादी का कार्ड देने के लिए लखनऊ स्थित सपा दफ्तर पहुंचे थे.

मुलाकात के दौरान, उन्होंने अखिलेश यादव को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की करीब ढाई फीट ऊंची और 38 किलो वजनी पीतल की एक खूबसूरत प्रतिमा भेंट की थी.

अखिलेश यादव के सामने क्यों लगाए पुश-अप्स? 

सीताराम यादव ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि आखिर उन्होंने वहां पुश-अप्स क्यों लगाए. उन्होंने बताया, "नेताजी (मुलायम सिंह यादव) धरती पुत्र होने के साथ-साथ एक बेहतरीन पहलवान भी रहे थे. मैंने अखिलेश जी से कहा कि मैं नेताजी को दंडवत प्रणाम करना चाहता हूं. जब अखिलेश जी ने पूछा कि क्या तुम पुश-अप्स लगा लेते हो, तो मैंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, 10-5 पुश-अप्स तो आसानी से लगा लेता हूं. इसके बाद मैंने वहां दंड बैठक लगाकर नेताजी को सम्मान दिया".

जब सीताराम यादव ने पुश-अप्स लगाने शुरू किए, तो उन्होंने महज 5 दंड बैठक ही लगाई थीं कि अखिलेश यादव ने उनकी सादगी और स्टैमिना को देख मुस्कुराते हुए उन्हें तुरंत रोक दिया और हाथ पकड़कर प्यार से उठा लिया. इस वाकये के बाद अखिलेश यादव उनकी बेटी की शादी में शामिल होने खुद झांसी भी गए थे.

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