भगवान कृष्ण पर विवादित बयान देने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी हैं कौन, जान लीजिए पूरी कुंडली

सुषमा पांडेय

• 04:11 PM • 17 Jul 2026

मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्री कृष्ण को 'मुस्लिम' और 'पांच वक्त का नमाजी' बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म गुरुओं ने तीखी आलोचना की है.

जर्जिस अंसारी
जर्जिस अंसारी
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मौलाना का बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक नए बड़े विवाद को जन्म दे दिया है. यह बयान देने वाले मौलाना का नाम जर्जिस अंसारी है, जिन्होंने भगवान श्री कृष्ण को लेकर एक बेहद आपत्तिजनक दावा किया है. इस बयान के बाद हिंदू सनातन समर्थकों और हिंदू धर्म गुरुओं के साथ-साथ अब मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी मौलाना जर्जिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

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क्या कहा मौलाना जर्जिस अंसारी ने? 

वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी दावा करते हुए नजर आ रहे हैं कि भगवान श्री कृष्ण असल में मुस्लिम थे और वह पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे. अपने इस अजीबोगरीब दावे के पीछे तर्क देते हुए मौलाना कहते हैं, "अगर हमारे भाई बुरा ना मानें तो श्री कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे. यकीन ना आए तो श्रीमद् भागवत के छठे अध्याय का 10वां श्लोक देख लीजिए, जिसमें कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो. यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं बल्कि पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए." मौलाना ने आगे हिंदू धर्म में पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोग सिर्फ हाथ उठाकर खड़े होते हैं और नमः शिवाय कहते हैं, जबकि इस्लाम में पूरे शरीर से इबादत (नमाज) की जाती है.

हर तरफ से उठ रही माफी की मांग

मौलाना के इस बयान के बाद हर तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:

  • मुस्लिम धर्म गुरुओं का रुख: मुस्लिम स्कॉलर्स और धर्म गुरुओं ने इस बयान को बेहद अफसोसनाक बताया है. उनका कहना है कि किसी भी धर्म के भगवान या आराध्य के खिलाफ इस तरह की बातें कहना बिल्कुल उचित नहीं है. उन्होंने मौलाना से कहा है कि या तो वे अपनी बात का कोई ठोस सबूत पेश करें, अन्यथा पूरे देश से माफी मांगें और अपना बयान वापस लें.
  • हिंदू धर्म गुरुओं का गुस्सा: हिंदू संगठनों और धर्म गुरुओं ने मौलाना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण आज से 5,000 वर्ष पहले हुए थे, जब इस्लाम का नामोनिशान भी नहीं था. कुछ गुरुओं ने तो मौलाना को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताते हुए मानसिक चिकित्सालय में इलाज कराने तक की सलाह दे डाली है.

कौन हैं मौलाना जर्जिस अंसारी? जानें उनकी 'बवाली कुंडली'

मौलाना जर्जिस अंसारी की पहचान एक इस्लामिक वक्ता (तकरीर देने वाले) के तौर पर है, जो अलग-अलग राज्यों में जाकर धार्मिक भाषण देते हैं.

  • मूल निवासी: वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले हैं. हालांकि, बहुत साल पहले वे इटावा छोड़कर चले गए थे और अब उनका परिवार वहां नहीं रहता.
  • विवादों से पुराना नाता: यह पहली बार नहीं है जब मौलाना जर्जिस विवादों में हैं. इससे पहले भी वे महिलाओं और अनुसूचित जाति (दलित समुदाय) को लेकर दिए गए विवादित बयानों के चलते कड़ी आलोचना झेल चुके हैं.
  • बंगाल चुनाव में विवाद: बंगाल चुनाव के दौरान भी उन्होंने एक विवादित बयान देकर उत्तर प्रदेश को मुसलमानों के लिए असुरक्षित (Unsafe) बता दिया था. अपने भड़काऊ बयानों के कारण वे पहले भी एफआईआर (FIR) और कानूनी कार्रवाइयों का सामना कर चुके हैं.

दुष्कर्म के मामले में हो चुकी है 10 साल की सजा

मौलाना जर्जिस का आपराधिक रिकॉर्ड भी विवादित रहा है. साल 2022 में वाराणसी की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, ब्लैकमेल करने और धमकी देने के गंभीर मामले में मौलाना को दोषी करार दिया था. कोर्ट ने उन्हें 10 साल की कड़ी कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में मौलाना ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें फिलहाल राहत मिल गई.

फिलहाल, भगवान श्री कृष्ण पर दिए गए उनके इस ताजा बयान ने सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है.