CM योगी के मंच पर 'कुर्सी' के लिए भिड़ गए BJP MLC, बोले- 'लो ये पड़ी तुम्हारी कुर्सी और हम चले'

झांसी में सीएम योगी के कार्यक्रम के दौरान बीजेपी एमएलसी बाबूलाल तिवारी पहली लाइन में कुर्सी न मिलने से नाराज हो गए और सुरक्षाकर्मियों से बहस के बाद कुर्सी फेंककर चले गए.

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ

न्यूज तक डेस्क

follow google news

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों में अमूमन सख्त अनुशासन देखने को मिलता है। लेकिन बुंदेलखंड के झांसी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सूबे की सियासत में हलचल तेज कर दी है. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बीजेपी के ही एक बड़े नेता और एमएलसी (MLC) अपनी कुर्सी को लेकर इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने सीएम के सामने ही कुर्सी फेंक दी और कार्यक्रम छोड़कर चले गए. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला 20 जून को झांसी में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' का है. दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही मंच पर भाषण देने के लिए माइक संभालने जा रहे थे तभी ठीक उनके सामने यह हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.

दरअसल, शिक्षक विधायक (MLC) डॉ. बाबूलाल तिवारी इस कार्यक्रम में पहुंचे थे. सीटिंग प्लान के मुताबिक उनकी कुर्सी पहली लाइन में होनी चाहिए थी, लेकिन बाबूलाल तिवारी कार्यक्रम में करीब 15 से 20 मिनट की देरी से पहुंचे. तब तक दीप प्रज्वलन और अतिथियों का स्वागत हो चुका था. जब वह पहुंचे तो पहली पंक्ति में उनकी जगह कोई और नेता बैठ चुका था.

सुरक्षाकर्मियों से बहस और कुर्सी फेंककर जाना

पहली लाइन में जगह न मिलने पर एमएलसी बाबूलाल तिवारी अपनी कुर्सी को आगे लाने की कोशिश करने लगे. जब वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा करने से रोका तो नेताजी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने गुस्से में कुर्सी फेंकी और वहां से जाने लगे.

जब मीडिया ने इस पर बाबूलाल तिवारी से सवाल किया, तो उन्होंने अपनी सफाई में कहा:

"हम शिक्षक हैं, प्रिंसिपल हैं. हमें अनुशासन पसंद है. कुछ फोटो प्रेमी लोग होते हैं, जो अनुशासन बिगाड़ने का काम करते हैं. व्यवस्था में कुछ गड़बड़ी हो गई थी, तो मैंने सोचा पीछे बैठ जाता हूं. लेकिन जब पीछे बैठा तो कुछ लोग वहां भी टोकने लगे. तो मैंने कहा कि लो ये पड़ी तुम्हारी कुर्सी और हम चले. हालांकि बाद में अधिकारियों ने आकर मुझसे कहा कि आपकी कुर्सी सुरक्षित है, आप मंच पर बैठिए, जिसके बाद मैं दोबारा जाकर बैठा."

जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी जताया गुस्सा

सीएम योगी के इस मंच पर सिर्फ एमएलसी बाबूलाल तिवारी की ही नाराजगी सामने नहीं आई, बल्कि झांसी के जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम भी मंच पर जगह न मिलने से काफी आहत दिखे. उन्होंने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर एक फेसबुक पोस्ट के जरिए जाहिर की.

पवन गौतम ने लिखा:

"आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं होता. हम वीरांगना झलकारी बाई के वंशज हैं. हमने महारानी की रक्षा हेतु सिर कटवा दिए, अंग्रेजों की पेंशन नहीं खाई. ऐसे 10 मंच कुर्बान."

बीजेपी जिलाध्यक्ष ने साधी चुप्पी

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बीजेपी के दो बड़े स्थानीय नेताओं की इस नाराजगी पर जब बीजेपी झांसी के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह से बात की गई, तो उन्होंने किसी भी तरह की गुटबाजी या नाराजगी से इनकार किया. उन्होंने कहा कि सीएम के मंच का प्रोटोकॉल तय होता है और उसी हिसाब से बैठने की समुचित व्यवस्था थी. सोशल मीडिया पर जो बातें चल रही हैं, संगठन उसकी जांच करेगा.

इस घटना ने अब बुंदेलखंड से लेकर लखनऊ तक की राजनीति में यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह महज एक अव्यवस्था थी या फिर पार्टी के भीतर चल रही कोई अंदरूनी कलह?

 

    follow google news