उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा राजनीतिक हमला बोला है. अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या से चुनाव लड़ने की दी गई चुनौती का तीखा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या उनके लिए चुनावी मैदान नहीं, बल्कि आस्था और पावनता का केंद्र है.
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अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा, "वे अब मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें. अरे अखिलेश जी! अयोध्या हमारा पावन धाम है. मैं अयोध्या इसलिए बार-बार जाता हूं ताकि वहां के विकास में कोई कोताही न हो और उत्तर प्रदेश की पहचान पर किसी प्रकार का कलंक न लगे. वह हमारी आस्था की स्थली है, चुनाव लड़ने की नहीं."
'आप भी आइए, मैं भी आता हूं... किस्मत आजमा लेते हैं'- योगी
समाजवादी पार्टी की चुनौती को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को आमने-सामने के मुकाबले की सीधी चुनौती दी. उन्होंने कहा, "मैं आपको ऑफर करता हूं- आइए, आप भी अयोध्या में नामांकन करिए और मैं भी अयोध्या से चुनाव लड़ता हूं. चलो एक बार किस्मत आजमा लेते हैं! तय हो जाए. चेलों से क्यों लड़ना, लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए."
अयोध्या के पुराने दिनों की दिलाई याद
सपा शासनकाल का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिस अयोध्या को पिछली सरकारों में सिर्फ 3 से 4 घंटे बिजली दी जाती थी, जहां 'जय श्री राम' बोलने पर प्रतिबंध लगाया गया था और जहां के विकास के सामने सिर्फ बैरियर खड़े किए गए थे.आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेता युग का स्मरण करा रही है.
'माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले क्या लड़ेंगे'
विपक्ष पर तीखा हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माफियाओं के सामने नाक रगड़ने वाले और पेशेवर अपराधियों की मौत पर उनकी कब्र में जाकर फातिहा पढ़ने वाले लोग हमसे क्या लड़ेंगे? इनकी हिम्मत नहीं है. जनता पहले ही इनकी छुट्टी कर चुकी है और अब इनकी स्थिति 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसी हो चुकी है.
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