धराली आपदा में दुपट्टे के टुकड़े से बांधी थी राखी, अहमदाबाद की धनगौरी ने CM धामी को भावुक पत्र के साथ भेजी 'सच्ची रक्षा की डोर'

न्यूज तक डेस्क

• 03:43 PM • 07 Sep 2026

अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र के साथ राखी भेजी. पिछले वर्ष धराली आपदा में उन्होंने दुपट्टे का टुकड़ा बांधकर सीएम को भाई माना था.

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तस्वीर: सोशल मीडिया से.
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रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रिश्तों की डोर कितनी अटूट हो सकती है, इसकी एक भावुक मिसाल अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच देखने को मिली है. धनगौरी ने रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी को एक रेशमी राखी और साथ में एक बेहद भावुक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने पिछले वर्ष धराली (उत्तरकाशी) में आई प्राकृतिक आपदा के उन भयावह पलों को याद किया है. 

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आपदा की उस मुश्किल घड़ी में शुरू हुआ था रिश्ता 

धनगौरी बरोलिया ने अपने पत्र में लिखा कि पिछले साल रक्षाबंधन के दौरान वह उत्तराखंड की यात्रा पर आई थीं, तभी उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ में वे फंस गईं. चारों तरफ तबाही और खौफ का माहौल था. उसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद धरातल पर उतरकर आपदा प्रभावितों का हाल-चाल लेने पहुंचे थे. 

जब सीएम धामी फंसे हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों का हौसला बढ़ा रहे थे, तब धनगौरी की मुलाकात उनसे हुई. रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण मुख्यमंत्री ने सहज भाव से मुस्कुराते हुए कहा कि 'अगर आपके पास राखी हो तो मुझे बांध सकती हैं.'

उस संकट की घड़ी में धनगौरी के पास राखी नहीं थी. उन्होंने बिना देर किए अपने दुपट्टे का एक छोटा सा टुकड़ा फाड़ा और उसे ही पावन सूत्र मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया. 

पत्र में द्रौपदी और श्रीकृष्ण के प्रसंग का जिक्र 

धनगौरी ने अपने पत्र में लिखा कि उस दिन उन्होंने सीएम धामी को अपना 'धर्म भाई' स्वीकार कर लिया था. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के पौराणिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए लिखा- "जिस प्रकार द्रौपदी ने अपनी साड़ी का चीर फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली पर बांधा था और प्रभु ने जीवनभर उनकी रक्षा की, ठीक उसी प्रकार धराली के उस कठिन समय में मुख्यमंत्री जी ने एक बड़े भाई की तरह सभी फंसे लोगों को संबल और सुरक्षा प्रदान की."

'अहमदाबाद में रहकर भी भूल नहीं सकती वह रक्षा की डोर' 

धनगौरी ने लिखा कि वह इस साल अहमदाबाद में अपने घर पर हैं, लेकिन संकट के दौर में बने इस पवित्र भाई-बहन के रिश्ते को कभी नहीं भूल सकतीं. इसी आत्मीय भाव के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए राखी भेजी है और ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राज्य की सेवा करते रहने की प्रार्थना की है. धराली की उस भीषण आपदा के बीच दुपट्टे के एक छोटे से टुकड़े से शुरू हुआ यह पावन रिश्ता आज भी उतना ही अटूट और खास बना हुआ है.