Daler Mehndi controversy: उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में प्रसिद्ध कुंजापुरी मेले के दौरान मशहूर गायक दिलेर मेहंदी के लाइव परफॉर्मेंस का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. दरअसल कार्यक्रम के दौरान स्थिति तब अचानक बदल गई जब कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर के स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल सीधे मंच पर पहुंच गए. मंत्री ने गायक को प्रस्तुति बीच में ही रोकने का निर्देश दिया और आरोप लगाया कि नवरात्र के इस पवित्र आयोजन में शराब पीकर प्रस्तुति दी जा रही है. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. इस बीच इस मामले में दिलेर मेहंदी के सपोर्ट में अनुपम खेर का बयान सामने आया है.
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बॉलीवुड का समर्थन: अनुपम खेर ने उठाए सवाल
इस पूरे विवाद के बीच दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर गायक दिलेर मेहंदी के समर्थन में उतर आए हैं. अनुपम खेर ने कहा कि वे दिलेर जी को पिछले 25-30 सालों से जानते हैं और पिछले कुछ समय से उनकी सेहत ठीक नहीं चल रही है. उन्होंने मंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि "मंत्री जी, आपको उनकी प्रस्तुति से शिकायत या नाराजगी हो सकती है. लेकिन सबके सामने मंच पर जाकर इस तरह उन्हें अपमानित करना क्या जरूरी था? यही बात उनसे अलग बैठकर, इज्जत से भी तो कही जा सकती थी." उन्होंने आगे कहा कि एक कलाकार अपनी पूरी जिंदगी की मेहनत से पहचान बनाता है और उनके योगदान की कद्र होनी चाहिए. अनुपम खेर ने यह भी साफ किया कि जहाँ तक वे जानते हैं, दिलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं और उनके साथ हुए इस बर्ताव का उन्हें गहरा दुख है.
मीका सिंह और रैपर बादशाह का रुख
दिलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने भी इस पूरे वाकये पर तीखी प्रतिक्रिया दी. मीका सिंह ने कहा कि उनके भाई पिछले 30 सालों से सुपरस्टार रहे हैं और किसी ने कभी उन्हें शराब पीते नहीं देखा. हाल ही में दिलेर मेहंदी का एक बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ था. सेहत ठीक न होने और 104 बुखार होने के बावजूद कलाकार अपने वादे के मुताबिक शो करने पहुंच जाते हैं. मीका ने कहा कि मंत्री का यह आरोप बिल्कुल गलत है कि वे शराब पीकर आए थे.
वहीं, मशहूर रैपर बादशाह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि दिलेर मेहंदी एक लेजेंड हैं. उन्होंने कहा कि निराशा व्यक्त की जा सकती है, लेकिन जिसने हमारे संगीत उद्योग को इतना कुछ दिया है, उसे सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाना बेहद निराशाजनक है. दिग्गजों को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए, खासकर तब जब वे मुश्किल स्थिति में हों.
अब जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में 18 अक्टूबर की रात कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी का लाइव शो हुआ था. इस दौरान मंत्री सुबोध उनियाल और सिंगर दलेर मेहंदी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मंत्री उनकी प्रस्तुति पर नाराजगी जताते नजर आए थे. मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा था कि दलेर मेहंदी बड़े कलाकार हैं, लेकिन उन्हें अपनी प्रस्तुति के साथ न्याय करना चाहिए था. मंत्री का आरोप था कि सिंगर ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और गानों पर सिर्फ लिप-सिंक कर रहे थे. मंत्री ने यह भी कहा था कि कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए गए थे. ऐसे में मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर दलेर मेहंदी से नाराजगी जताते नजर आए. उन्होंने कहा, "इतना पैसे देकर हमने आपको बुलाया है. आप बेवकूफ बना रहे हैं हमें. यह सब आवाज निकाल रहे हो, गलत बात है यह. यह सही नहीं है. बोला तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?" मंत्री ने कहा कि कुंजापुरी मेला मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है. ऐसे पावन मौके पर इस तरह की प्रस्तुति से मेले की गरिमा और मर्यादा को ठेस पहुंची है.
विवाद पर मंत्री सुबोध उनियाल का बयान
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि दिलेर मेहंदी एक बहुत बड़े कलाकार हैं, लेकिन उन्हें अपनी कला के साथ न्याय करना चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाय कि दिलेर मेहंदी मंच पर पूरी तरह असहज नजर आ रहे थे और ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. वे गाने की बजाय केवल लिप-सिंक (Lip-syncing) कर रहे थे. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए उन्हें ₹35 लाख की बड़ी रकम दी गई थी, फिर भी वे सही तरीके से परफॉर्म नहीं कर पा रहे थे. इसी वजह से उन्हें मंच पर जाकर अपनी नाराजगी जतानी पड़ी.
धार्मिक मर्यादा बनाम कलाकार का सम्मान
कुंजापुरी मेला क्षेत्र में आस्था और संस्कृति का बड़ा केंद्र है. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं. एक पक्ष का मानना है कि धार्मिक कार्यक्रमों की पवित्रता बनी रहनी चाहिए और मंत्री का हस्तक्षेप सही था. दूसरा पक्ष और संगीत जगत का कहना है कि अगर कोई शिकायत थी तो उसे मंच से अलग मर्यादा और इज्जत के साथ हल किया जाना चाहिए था. फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया और मीडिया के गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है.
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इनपुट: पंकज भट्ट और अंकित शर्मा
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