BJP New Team Tirath Singh Rawat: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई केंद्रीय टीम का ऐलान कर दिया है. संगठन में किए गए इस बड़े बदलाव के तहत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. नितिन नवीन की इस नई टीम में कई प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है, जिसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके साथ ही राम माधव की भी पार्टी संगठन में वापसी हुई है और उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद सौंपा गया है. ओडिशा के बैजयंत जय पांडा को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी कराते हुए उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है.
ADVERTISEMENT
उत्तराखंड के नेताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
नितिन नवीन की इस नई टीम में उत्तराखंड के नेताओं का विशेष दबदबा देखने को मिला है. राज्य के कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख पद सौंपे गए हैं, जिनकी सूची और पद इस प्रकार हैं:
- तीरथ सिंह रावत - राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- महेंद्र पांडे - केंद्रीय कार्यालय सचिव (Central Office Secretary)
- अनिल बलूनी - मीडिया संयोजक (Media Convenor)
- आलोक भट्ट - सोशल मीडिया सह-संयोजक (Social Media Co-Convenor)
जानें तीरथ सिंह रावत का राजनीति सफर
उत्तराखंड के नए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए तीरथ सिंह रावत की गिनती भाजपा के कद्दावर और निष्ठावान नेताओं में की जाती है. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे तीरथ सिंह रावत का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था. वह वर्ष 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक रहे. इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) उत्तराखंड में संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई.
उन्होंने हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव जीता और उत्तर प्रदेश छात्र संघ मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे. इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बने. वर्ष 1997 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए, जहां उन्हें विधान परिषद में विनिश्चय संकलन समिति का अध्यक्ष बनाया गया.
साल 2000 में जब पृथक उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, तो वह राज्य के पहले शिक्षा मंत्री बने. वर्ष 2007 में पार्टी ने उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया, जिसके बाद उन्होंने प्रदेश चुनाव अधिकारी और प्रदेश सदस्यता प्रमुख का दायित्व भी संभाला.
इसके बाद वर्ष 2012 में वह चौबटाखाल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और साल 2013 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. वह 2013 की उत्तराखंड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष भी रहे. पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में गढ़वाल सीट से मैदान में उतारा, जहां उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मनीष खंडूड़ी को 2,85,003 से अधिक वोटों के भारी अंतर से पराजित किया. 2019 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था. बेदाग छवि और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले तीरथ सिंह रावत इससे पूर्व पार्टी में राष्ट्रीय सचिव की भूमिका भी निभा चुके हैं.
यह भी पढ़ें:
ADVERTISEMENT


