उत्तरकाशी में आपदा के बीच धराली पहुंचे CM धामी, खुद ग्राउंड जीरो पर जाकर लिया हालात का जायजा

न्यूज तक

• 06:06 PM • 06 Aug 2025

उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली गांव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर जानकारी लेकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. वहीं, सेना, ITBP, SDRF से लेकर हेलीकॉप्टर और मेडिकल टीमें हर मोर्चे पर जुटी हैं, जिससे की पीड़ितों को तुरंत राहत मिल सके.

Chief Minister Pushkar Singh Dhami
Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami
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उत्तरखंड के उत्तरकाशी में आपदा ग्रस्त गांव धराली में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है. सीएम ने बचाव और राहत अभियान में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है. लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयाँ आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियाँ समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.

सीएम पहुंचे धराली

सीएम पुष्कर सिंह धामी भी बुधवार सुबह प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुए. जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है.

चिनूक, एमआई 17 तैनात

इधर, राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने चंडीगढ़, सरसावा और आगरा से 02 चिनूक और 02 एमआई – 17 हेलीकॉप्टर, बुधवार तड़के ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उपलब्ध करा दिए. सड़क यातायात बहाल करने के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भी पहुंचाई जा रही है. बचाव अभियान में सेना के 125 अधिकारी और जवान, आईटीबीपी के 83 अधिकारी और जवान भी लगे हुए हैं. इधर, बीआरओ के 06 अधिकारी, 100 से अधिक मजदूरों के साथ बाधित सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं.

दून और ऋषिकेश एम्स में बेड आरक्षित

स्वास्थ्य विभाग ने आपदा में घायलों को उपचार प्रदान करने के लिए दून मेडिकल कॉलेज, कोरोनेशन जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए हैं, साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों का भी उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया है. विशेष रूप से मनोचिकित्सक भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में भेजे गए हैं.  

झाला- हर्षिल में राहत शिविर शुरु

इस बीच मौके पर सेना, आईटीबीपी के साथ ही एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग की टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. प्रशासन ने इंटर कॉलेज हर्षिल, जीएमवीएन और झाला में राहत शिविर प्रारंभ किए हैं. इसके साथ ही क्षेत्र में बिजली और संचार नेटवर्क को बहाल किए जाने के प्रयास भी युद़धस्तर पर किए जा रहे हैं. एनआईएम और एसडीआरएफ लिम्चागाड में अस्थायी पुल निर्माण में भी जुट गई है. राज्य सरकार मंगलवार शाम को ही तीन आईएएस अधिकारियों के साथ ही दो आईजी और तीन एसएसपी स्तर के आईपीएस को राहत एवं बचाव अभियान में समन्वय के लिए उत्तरकाशी रवाना कर चुकी है.