देहरादून से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां के एक नर्सिंग होम में डिलीवरी के लिए भर्ती हुई महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिसके बाद से पूरा हड़कंप मचा हुआ है. मृतकों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती करते वक्त महिला पूरी तरह ठीक थी, लेकिन फिर अचानक देर रात उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया जहां मां और बच्चे दोनों की मौत हो गई. उन्होंने आरोप लगाया है कि नर्सिंग होम में लापरवाही के कारण दोनों की मौत हो गई. हादसे के गुस्साए परिजन काफी संख्या में सीएमओ पहुंचे और उन्होंने कठोर कार्रवाई की मांग की है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
ADVERTISEMENT
15 महीने पहले ही हुई थी शादी
मिली जानकारी के मुताबिक 15 महीने पहले ही मृतका की शादी देहरादून के माजरा निवासी सतेंद्र बिष्ट के साथ हुई थी. शादी के बाद परिवार काफी खुश था और इसी बीच महिला गर्भवती हुई तो इसी खुशी को चार-चांद लग गए. सतेंद्र प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और इससे ही परिवार का गुजारा होता था. लेकिन अब पत्नी और बच्चे की मौत की वजह से खुशी का माहौल मातम में बदल चुका है और पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ. आलम ये है कि पति सतेंद्र को इस घटना से ऐसा झकझोरा है कि वह किसी से बात करने लायक भी नहीं बचा है.
अचानक बिगड़ी थी तबीयत, फिर अस्पताल ने किया भर्ती
बताया जा रहा कि पूरा मामला 29 मई का है, जब मृतका अपने मायके आई हुई थी. मृतका के मां निर्मला के मुताबिक घटना वाली रात उन्होंने अपनी बेटी के साथ खाना खाया और फिर दोनों सोने चले गए. इसी बीच रात करीब 1 बजे बेटी को दर्द हुआ और अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई. स्थिति को देखते हुए पास के नर्सिंग होम ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने बिना अल्ट्रासाउंड और जांच कराए ही इलाज शुरू कर दिया. निर्मला के मुताबिक डॉक्टरों ने हालात को नाजुक बताते हुए उन्हें डराया और भर्ती कराने के लिए कहा. तब निर्मला ने डॉक्टरों पर भरोसा कर उन्हें एडमिट करा दिया था. इसके बाद उन्होंने दामाद और बेटी के ससुराल वालों को इसकी जानकारी दी.
पहले बताया था सब ठीक, फिर अचानक कराया ऑपरेशन
जानकारी मिलते ही सतेंद्र अस्पताल पहुंचा और उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत की. इस दौरान डॉक्टरों ने बताया कि मां और बच्चे दोनों ही ठीक है. फिर अचानक रात ढाई बजे डॉक्टरों ने सतेंद्र को बताया कि बच्चे की हार्टबीट नहीं चल रही है और इसके लिए तत्काल ऑपरेशन करना होगा. सतेंद्र ने कहा कि अगर ज्यादा बड़ी समस्या है तो रेफर कर दें लेकिन अस्पताल ने कहा कि सब ठीक हो जाएगा, रेफर की जरूरत नहीं है. फिर महिला का ऑपरेशन किया गया.
वहीं मृतका की मां निर्मला ने बताया कि पहले बिना किसी जांच के मेरी बेटी का ऑपरेशन कर दिया गया और फिर बाद में बताया गया कि गर्भ में पल रहा बच्चा मरा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद अस्पताल ने दामाद से ब्लड और सारी चीजों का इंतजाम करने के लिए कहा, लेकिन बेटी को रेफर नहीं किया और उसकी बेटी की मौत हो गई.
किडनी की समस्या बताते हुए कर दिया रेफर
निर्मला ने आगे बताया कि जैसे-जैसे समय बीता उनकी बेटी की हालत और गंभीर होते गई. तब अस्पताल ने किडनी समस्या का हवाला देते हुए मेरी बेटी को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया और कहा कि उन्हें टेस्ट कराने की जरूरत है. निर्मला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में बेटी को क्या इलाज दिया गया और किन परिस्थितियों में बेटी की हालत बिगड़ी इसकी जानकारी नहीं दी गई. मां ने सीधा नर्सिंग होम पर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज के दौरान लापरवाही हुई है इसलिए दोनों की मौत हो गई.
'24 घंटे में सब बदल गया'
वहीं इस मामले में मृतका की छोटी बहन का एक मार्मिक बयान सामने आया है. बहन के मुताबिक 19 मई को उनकी बड़ी बहन का जन्मदिन था और परिवार ने काफी खुशी उसे मनाया था. उन्होंने आग यह भी कहा कि दीदी को कोई गंभीर बीमारी या समस्या नहीं था. बहन ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के कुछ ही घंटों में किडनी फेल, लिवर फेल और दूसरे अंगों के काम नहीं करने की कहानी शुरू हो गई. परिवार को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि आखिर 24 घंटों में सब कैसे बदल गया और हालात इतनी गंभीर कैसे हो गई.
CMO से की गई शिकायत
महिला की मौत के बाद परिजनों में काफी गुस्सा है. परिजन और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ ने मामले की शिकायत देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मनोज शर्मा से की है. परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही की बात कही और जांच की मांग की है. CMO मनोज शर्मा ने स्थिति को भांपते हुए मामले की जांच के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने और जांच करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि जिन दोनों अस्पताल के नाम सामने आए है उन्हें बुलाकर जांच की जाएगी और समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
ADVERTISEMENT


