केदारनाथ यात्रा से लौट रहीं प्रज्ञा सिंह ट्रेन में सोते-सोते हुई गायब… पति खोजता रहा पूरी रात, फिर सामने आई ये आखिरी लोकेशन

Pragya Singh Missing Case: केदारनाथ यात्रा से लौट रहे नवविवाहित जोड़े की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं जब पत्नी अचानक ट्रेन से गायब हो गई. पति की आंख खुली तो सीट खाली थी और मोबाइल की आखिरी लोकेशन रेलवे ट्रैक के पास मिली. 40 घंटे बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार सदमे में है.

Pragya Singh Missing Case
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न्यूज तक डेस्क

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Pragya Singh Train Missing Case: बाबा केदारनाथ के दर्शन कर अपने पति मनीष अग्रहरि के साथ लौट रही नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह अचानक महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई. दोनों ने शादी के बाद बाबा केदारनाथ धाम की यात्रा की योजना बनाई थी और 2 तारीख को गाजियाबाद से रवाना हुए थे.  दर्शन करने के बाद 5 तारीख को ये दंपति देहरादून पहुंचा. इसके बाद यहां से उन्होंने दिल्ली लौटने के लिए महानंदा एक्सप्रेस पकड़ी. इसी दौरान जब ट्रेन हरिद्वार स्टेशन पहुंची और कुछ नए यात्री डिब्बे में चढ़े तो मनीष ने प्रज्ञा की सीट ऊपर कर दी. इसके बाद दोनों फिर से सो गए लेकिन जब मनीष की आंख खुली तो प्रज्ञा ट्रेन से गायब थी. इसके बाद पति के होश उड़ गए.

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दरअसल, पहाड़ों की लंबी यात्रा और लगातार सफर की वजह से दोनों काफी थक चुके थे. यही वजह है कि ट्रेन चलने के कुछ देर बाद ही दोनों अपनी सीट पर सो गए. इस बीच ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन को पार कर गई. यहां मनीष की नींद खुली तो उन्होंने अपनी बगल वाली सीट की तरफ देखा. प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थी. शुरुआत में मनीष को लगा कि वह शायद वॉशरूम गई होगी, लेकिन जब 5-10 मिनट बीत जाने के बाद भी वह नहीं लौटी, तो मनीष घबरा गए. उन्होंने तुरंत अपना फोन निकाला और प्रज्ञा को कॉल किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ आ रहा था.

ट्रेन में करते रहे तलाश

मनीष ने बदहवास होकर पूरी ट्रेन की खाक छान मारी. उन्होंने ट्रेन की हर बोगी, हर वॉशरूम और दरवाजों के पास जाकर प्रज्ञा को ढूंढा. उन्होंने मुसाफिरों से भी पूछा कि क्या किसी ने गुलाबी सलवार सूट पहने महिला को देखा है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. सबसे अजीब बात यह थी कि प्रज्ञा का सारा सामान और पर्स ट्रेन की बर्थ पर ही रखा था, वह अपने साथ सिर्फ अपना मोबाइल फोन ले गई थी.

लोकेशन ने बढ़ाई अनहोनी की आशंका

मनीष ने हार मानकर पुलिस और हेल्पलाइन नंबर 139 पर मदद मांगी तो जांच में एक डरावनी सच्चाई सामने आई. प्रज्ञा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिली थी. इसके बाद से फोन लगातार बंद है. मनीष ने गाजियाबाद जीआरपी और आरपीएफ से भी संपर्क किया कि कहीं रास्ते में कोई हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन पुलिस ने किसी भी दुर्घटना से इनकार किया.

रेलवे के खराब कैमरों ने बढ़ाई मुश्किल

मनीष ने रेलवे हेल्पलाइन और जीआरपी से मदद मांगी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी. जांच के दौरान पता चला कि रुड़की और अन्य स्टेशनों पर लगे कई सीसीटीवी कैमरे खराब हैं या अंडर कंस्ट्रक्शन होने के कारण काम नहीं कर रहे हैं. इस तकनीकी लापरवाही की वजह से पुलिस को प्रज्ञा का मूवमेंट ट्रैक करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पुलिस कर रही है मामले की जांच

लक्सर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और रेलवे ट्रैक के आसपास तलाशी अभियान चला रही है. बेबस पति मनीष अग्रहरि ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और डीजीपी से अपनी पत्नी को सुरक्षित ढूंढ निकालने की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि "पुलिस मेहनत तो कर रही है, लेकिन मेरी दुनिया उजड़ गई है. मेरी पत्नी के पास कुछ भी नहीं है, वो कहाे होगी और किस हाल में होगी, सोचकर रूह कांप रही है. अब फिलहाल, लक्सर पुलिस ने परिवार को पूछताछ के लिए फिर से कोतवाली बुलाया है, जबकि 40 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रज्ञा का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

इनपुट: चांदनी क़ुरैशी 

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