Uttarakhand Tehri Murder Case: उत्तराखंड के टिहरी जनपद से एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है. यहां प्रतापनगर विकासखंड के देवल गांव में रहने वाले 18 साल के युवक केतन लाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. आरोप है कि एक नाबालिग लड़की से दोस्ती और मोबाइल पर बातचीत करने की वजह से लड़की के घरवालों ने केतन और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी को कमरे में बंद कर लाठी डंडों से बेरहमी से पीटा. इस बर्बर मारपीट में केतन की मौत हो गई जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी गुस्सा और तनाव का माहौल बना हुआ है.
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यह पूरी घटना की शुरुआत मोबाइल पर बातचीत से हुई. जानकारी के मुताबिक देवल गांव के रहने वाले केतन लाल पुत्र धनपाल लाल की खोलगढ़ गांव की एक नाबालिग लड़की से पिछले करीब छह महीने से दोस्ती थी. दोनों आपस में फोन पर बात किया करते थे. जब लड़की के परिवार वालों को इस बात का पता चला तो घर में विवाद और तनाव शुरू हो गया.
रात के अंधेरे में साजिश के तहत बुलाया
मृतक के पिता धनपाल लाल ने लंबगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक रविवार की देर रात करीब 11 बजे लड़की ने केतन को फोन करके खोलगढ़ गांव बुलाया. केतन के पास अपनी गाड़ी नहीं थी और उसका दोस्त दिवाकर डिमरी हाल ही में मुंबई से घर आया था. केतन ने दिवाकर को फोन किया कि किसी जरूरी काम से जाना है. केतन अपने दोस्त दिवाकर के साथ खोलगढ़ गांव पहुंचा. आरोप है कि वहां पहुंचते ही लड़की के परिजनों ने दोनों को पकड़ लिया और एक कमरे के अंदर बंद कर लाठी डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया.
रातभर तड़पते रहे पीड़ित, फिर सुबह घर पर आया फोन
दोनों घायल युवक पूरी रात उसी कमरे में लहूलुहान हालत में पड़े रहे. सोमवार की सुबह लड़की के पिता ने केतन के पिता धनपाल लाल को फोन किया. फोन पर कहा गया कि तुम्हारा बेटा यहां है अब इसका क्या करूं. इस पर केतन के पिता ने कहा कि अगर बच्चे से कोई बड़ी गलती हो गई है तो उसे पुलिस या प्रशासन के हवाले कर दो. इसके बाद जब केतन के परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए. केतन और दिवाकर बेहद गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़े थे.
अस्पताल ले जाते समय केतन ने तोड़ा दम
परिजन आनन-फानन में घायल केतन को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन घाव इतने गहरे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. वहीं दूसरी तरफ गंभीर रूप से घायल दिवाकर डिमरी का अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
वहीं पोस्टमार्टम के लिए जब केतन का शव जिला अस्पताल बौराड़ी लाया गया तो वहां परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. अस्पताल परिसर में भारी संख्या में लोग जमा हो गए और उन्होंने जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि केतन के शरीर पर साधारण मारपीट के निशान नहीं हैं बल्कि उसे बहुत भयानक यातनाएं दी गई हैं.
मृतक के पिता धनपाल लाल और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि केतन के शरीर पर बर्बरता के गहरे निशान हैं. उसके हाथ और पैर के नाखून प्लास और कीलों की मदद से खींचे गए हैं. परिजनों ने साफ कह दिया है कि जब तक इस घिनौनी वारदात में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती और सख्त कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और शव को अस्पताल से नहीं उठाएंगे.
हाथ-पैर के नाखून तक प्लास से खींचें - केतन के पिता
केतन के पिता धनपाल लाल ने रोते हुए कहा कि मेरे बेटे को साजिश के तहत रात को फोन करके बुलाया गया था. उसके हाथ और पैर के नाखून तक प्लास से खींच लिए गए. हमारी मांग है कि मौत के बदले मौत होनी चाहिए. जब तक सभी दोषी गिरफ्तार नहीं होते तब तक हम यहां से शव नहीं उठाएंगे. मैं एक गरीब आदमी हूं और कोर्ट के चक्कर नहीं काट सकता. मुझे यहीं पर सीधा न्याय चाहिए.
वहीं, घायल दिवाकर के पिता दिनेश डिमरी ने बताया कि मेरा बेटा तो केतन का दोस्त था और वह कल ही मुंबई से घर लौटा था. केतन के बुलाने पर वह उसके साथ चला गया क्योंकि केतन के पास गाड़ी नहीं थी. खोलगढ़ गांव पहुंचते ही आरोपियों ने उन्हें बंधक बना लिया और पीटना शुरू कर दिया. जब तक आरोपियों के पूरे खानदान की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे.
अनुसूचित जाति के नेता बृजलाल शाह ने की ये मांग
अनुसूचित जाति के स्थानीय नेता बृजलाल शाह ने अस्पताल में कहा कि यह बेहद क्रूर मामला है. जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिलता और लड़की के पूरे परिवार की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा और शुरू की जांच
लंबगांव थाने में मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. यह मुकदमा आरोपी यशवीर सिंह पंवार पुत्र विद्याधर पंवार और उसके परिवार के दूसरे सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 3(5) और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत दर्ज किया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टिहरी की एसएसपी श्वेता चौबे ने तुरंत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक महेश लखेड़ा को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
एसएसपी के निर्देश पर तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है. इसके साथ ही घटना स्थल से वैज्ञानिक और पुख्ता सबूत जुटाने के लिए एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी काम पर लगाया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है और मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. शव का पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है.
मुख्यमंत्री और एससी आयोग सख्त
इस दर्दनाक हत्याकांड की गूंज शासन तक पहुंच चुकी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है. वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस मामले की बेहद सख्त और निष्पक्ष जांच की जाए. उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी.
पुलिस ने हिरासत में आरोपी
वहीं एएसपी दीपक सिंह ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है. एसएसपी टिहरी के निर्देश पर तुरंत तीन पुलिस टीमें बनाई गई हैं और फॉरेंसिक टीम को मौके से साक्ष्य सुरक्षित उठाने के लिए लगाया गया है. इस मामले में नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. शव का पंचायतनामा पूरा हो चुका है और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. जांच में जो भी नए तथ्य और सबूत सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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