Pauri Garhwal School Condition: पौड़ी गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों से निकलकर कई लोगों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन पहाड़ों के सरकारी स्कूल आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. कहीं शिक्षकों की कमी है, तो कहीं छात्रों की घटती संख्या के चलते स्कूल बंद होने की स्थिति में हैं. ऐसा ही मामला विकासखंड कोट के प्राथमिक विद्यालय अठुल का है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के पैतृक गांव घीड़ी में स्थित यह स्कूल करीब छह दशक पुराना है. भवन जर्जर होने के चलते पिछले दो साल से यहां पढ़ने वाले बच्चे एक ग्रामीण के निजी मकान में पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
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जर्जर भवन के बाद ग्रामीण ने दिए दो कमरे
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने साल 2023 में स्कूल भवन का मुआयना किया था. जांच के बाद भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया और वहां कक्षाएं न चलाने की सलाह दी गई. शुरुआत में कुछ समय तक बच्चों को बरामदे में बिठाकर पढ़ाया गया. बाद में सुरक्षा को देखते हुए धारकोट निवासी इंद्रजीत सिंह बिष्ट ने अपने मकान के दो कमरे स्कूल चलाने के लिए दिए. पिछले करीब दो वर्षों से प्राथमिक विद्यालय अठुल का संचालन इन्हीं कमरों में हो रहा है.
सात बच्चों के लिए तैनात हैं दो शिक्षक
इस प्राथमिक विद्यालय में फिलहाल कुल सात बच्चे पढ़ रहे हैं. इनमें चार बच्चे अठुल गांव के हैं और तीन बच्चे बडुढ़ गांव से आते हैं. इन सात बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षकों की तैनाती की गई है. हालांकि कमरों में पढ़ाई जारी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन असुरक्षित घोषित हो चुका है, तो बच्चों के लिए जल्द से जल्द पक्का और सुरक्षित भवन बनाया जाना चाहिए.
मूलभूत सुविधाओं की कमी से सहमे हैं अभिभावक
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में रोजगार की कमी और जंगली जानवरों के डर से लोग लगातार पलायन कर रहे हैं. वहीं बच्चों के अभिभावकों की चिंता यह है कि मौजूदा अस्थायी परिसर में शौचालय और खेल के मैदान जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं. बच्चों को जंगल की तरफ जाना पड़ता है, जिससे आसपास जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है. अभिभावक सरकार से मांग कर रहे हैं कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए नया स्कूल भवन जल्द तैयार किया जाए.
विभाग ने भेजा नए निर्माण का प्रस्ताव
खंड शिक्षा अधिकारी कोट भारती गैरोला ने बताया कि यह स्कूल भवन डी श्रेणी में दर्ज किया गया है. पुराने ढांचे को पूरी तरह गिराकर नए सिरे से निर्माण कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके लिए शासन को पत्र भेजकर अनुमति और बजट की मांग की गई है. स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल जहां स्कूल चल रहा है, वहां पढ़ाई, खेल और भोजन की उचित व्यवस्था है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आ रही है
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