फेमस यूट्यूबर सौरव जोशी ने Mercedes का मीटर दिखाकर कहा-'17 से 5 हुआ माइलेज', इथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर उठाए सवाल

न्यूज तक डेस्क

• 08:24 PM • 12 Jul 2026

Sourav Joshi Mercedes Viral Video: यूट्यूबर सौरव जोशी ने दावा किया कि उनकी करोड़ों रुपये की Mercedes का माइलेज अचानक 17 से 5 किलोमीटर प्रति लीटर तक पहुंच गया. उन्होंने E20 पेट्रोल को इसकी वजह बताया, लेकिन मर्सिडीज-बेंज इंडिया के सीईओ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस दावे पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है.

Sourav Joshi Mercedes Viral Video
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Sourav Joshi Mercedes Viral Video: फेमस यूट्यूबर में सौरव जोशी एक वीडियो की क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस वीडियो में वे अपनी करोड़ों रुपये की मर्सिडीज-बेंज के माइलेज को लेकर बात कर कर रहे हैं. सौरव ने अपने वीडियो में कैमरे के सामने मर्सिडीज-बेंज एसयूवी के डैशबोर्ड के आंकड़े दिखाते दावा किया कि उनकी इस महंगी गाड़ी का माइलेज अचानक से बेहद कम हो गया है. वीडियो में इसके लिए उन्होंने देश में मिलने वाले इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को जिम्मेदार माना है.

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महज दो दिनों में 17 से सीधे 5 पर आ गया माइलेज

वीडियो में निराशा जाहिर करते हुए सौरव ने बताया कि केवल 48 घंटों के भीतर उनकी चमचमाती जर्मन कार का माइलेज बुरी तरह से धड़ाम हो गया. सौरव के मुताबिक, जो गाड़ी पहले करीब 17 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही थी, वह अचानक घटकर पहले 9 पर आई गई और अगले ही दिन सिस्टम पर सिर्फ 5 किलोमीटर प्रति लीटर का आंकड़ा दिखाने लगी. सौरव ने इसके लिए स्थानीय पेट्रोल पंपों से मिलने वाले ईंधन को जिम्मेदार ठहराया है. व्लॉग में उनकी पत्नी अवंतिका भट्ट ने भी गुस्सा जताते हुए कहा कि पहले फुल टैंक कराने पर जो गाड़ी 800 किलोमीटर चलती थी, उसकी रेंज अब सिर्फ 480 किलोमीटर दिख रही है, जिससे उन्हें कार का इंजन खराब होने का डर सता रहा है.

छोटे शहरों में रहने वाले लग्जरी कार मालिकों की बढ़ी चिंता

सौरव जोशी ने व्लॉग में अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनके पास मर्सिडीज की ही एक इलेक्ट्रिक एसयूवी (जी-वैगन) भी मौजूद है, जिसमें इलेक्ट्रिक होने के कारण इथेनॉल से जुड़ी कोई समस्या नहीं आती है. मगर इस पेट्रोल कार को लेकर वह काफी चिंतित हैं. उनका कहना है कि हल्द्वानी जैसे छोटे शहरों या उपनगरों में रहने वाले लोगों के लिए मर्सिडीज जैसी प्रीमियम कारों का तकनीकी रूप से खराब होना एक बड़ी मुसीबत बन जाता है. यदि गाड़ी के पेट्रोल इंजन में कोई खराबी आती है तो उसे ठीक कराने के लिए सीधे दिल्ली भेजना पड़ेगा. इससे न केवल पेट्रोल पर बेवजह का पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि गाड़ी के खराब होने पर मरम्मत का भारी-भरकम खर्च भी झेलना पड़ सकता है.

मर्सिडीज-बेंज के सीईओ ने मिलावट के खेल पर उठाई उंगली

इस पूरे विवाद और ऑटोमोबाइल ग्राहकों की ओर से लगातार आ रही शिकायतों के बीच मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संतोष अय्यर का भी बयान सामने आया है. उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि कई ग्राहक इस समस्या को लेकर डीलरशिप पर लगातार पूछताछ कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2020 के बाद कंपनी द्वारा बेची गई सभी गाड़ियां इथेनॉल मिश्रण को सहन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. अय्यर ने असली खराबी पेट्रोल पंपों पर होने वाली अवैध मिलावट को बताया और दावा किया कि E20 के नाम पर ईंधन में मिलावट का खेल काफी ज्यादा बढ़ गया है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावों को बताया गलत नैरेटिव

दूसरी तरफ, भारत सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने और कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए देश में 20 फीसदी इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (ई20) के नियम को तेजी से लागू करने में जुटी है. सोशल मीडिया पर इंजन खराब होने और जंग लगने को लेकर किए जा रहे दावों को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने इन सभी बातों को एक सोची-समझी झूठी कहानी और गलत नैरेटिव करार दिया. गडकरी ने चुनौती देते हुए स्पष्ट कहा कि ई20 पेट्रोल की वजह से कार खराब होने का आज तक एक भी प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है और सोशल मीडिया पर केवल भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं.