पीएम आवास योजना-ग्रामीण: उत्तराखंड में 39 हजार से अधिक परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार, जानें जिलावार आंकड़े

न्यूज तक डेस्क

08 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 8 2026 5:13 PM)

उत्तराखंड में धामी सरकार की प्रभावी पैरवी से 39,815 ग्रामीण परिवारों को पक्की छत मिली. जानिए किस जिले में बने कितने पीएम आवास और लाभार्थियों को मिल रही अतिरिक्त सुविधाएं.

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तस्वीर: पुष्कर सिंह धामी के सोशल मीडिया x से.
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देहरादून. प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत मुहैया कराने के अभियान में उत्तराखंड की धामी सरकार को बड़ी सफलता मिली है. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वर्ष 2022 से लेकर अब तक राज्य के 39,815 परिवारों को पक्के मकान आवंटित किए जा चुके हैं.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्र सरकार के साथ लगातार की गई प्रभावी पैरवी के चलते यह योजना राज्य में तेजी से धरातल पर उतरी है. इससे पूर्व पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है, और अब ग्रामीण क्षेत्र में भी राज्य बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है.

किस जिले में बने कितने पक्के मकान? 

योजना के आंकड़ों के मुताबिक, पक्के आवास देने के मामले में ऊधमसिंह नगर जिला सबसे आगे रहा है, जहां 4,882 परिवारों को घर मिले हैं. इसके बाद हरिद्वार में 4,493 और रुद्रप्रयाग में 4,032 बेघर परिवारों की पक्की छत का सपना पूरा हुआ है.

अन्य जिलों का ब्योरा

  • चमोली: 3,900 आवास
  • पिथौरागढ़: 3,386 आवास
  • पौड़ी गढ़वाल: 3,195 आवास
  • उत्तरकाशी: 3,057 आवास
  • देहरादून: 2,839 आवास
  • चंपावत: 2,789 आवास
  • बागेश्वर: 2,279 आवास
  • टिहरी गढ़वाल: 2,134 आवास
  • नैनीताल: 1,480 आवास
  • अल्मोड़ा: 1,349 आवास

डीबीटी के जरिए सीधे खाते में जा रही राशि 

वर्ष 2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कच्चे व जर्जर मकानों में रह रहे पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए प्रति आवास ₹1,30,000 की सहायता राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है.

लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं 

किचन सामग्री के लिए ₹6,000: मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार वर्ष 2022-23 से बर्तन व किचन सामग्री खरीदने के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता राशि को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दिया गया है.

शौचालय निर्माण हेतु सहायता: स्वच्छ भारत मिशन (मनरेगा/स्वजल) के तहत शौचालय बनाने के लिए ₹12,000 की अलग से आर्थिक सहायता दी जा रही है.

रोजगार व मूलभूत सुविधाएं: लाभार्थी को अपने मकान निर्माण के लिए मनरेगा योजना से 95 दिनों की मजदूरी का भुगतान किया जाता है. इसके साथ ही हर आवास को पीने का पानी, उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन और बिजली का कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान 

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार राज्य के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर देने के लिए संकल्पबद्ध है. पीएम आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पारदर्शिता से पहुंचाया जा रहा है."