उत्तराखंड में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज है और पारा काफी हाई है. एक ओर भाजपा की सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता बचाने के प्रयास में जुटी हुई है तो वहीं कांग्रेस वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. इसी बीच राज्य में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. पौड़ी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों के साथ ही पार्टी में खुद को सही ढंग से नहीं समझे जाने और घुटन महसूस होने की बात कही है. लगभग 8 साल तक भाजपा में रहने के बाद उनका ऐसे समय में जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.
ADVERTISEMENT
8 साल में ही छोड़ दी पार्टी
भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए यशपाल बेनाम ने कहा है कि, आज से ठीक 8 साल पहले 18 अक्टूबर को ही भाजपा में शामिल हुए थे. संयोग ऐसा है कि अब 18 अक्टूबर को ही उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया. बीजेपी से इस्तीफा देने के पीछे की वजह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि, पार्टी से जुड़े विभिन्न नेताओं ने उन्हें नहीं समझा, जिसकी वजह से वह यहां घुटन महसूस कर रहे थे. यशपाल बेनाम ने साफ कहा कि, उन्हें इस तरह की परिस्थितियों में जीने की आदत नहीं है, इसलिए उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है.
'राजनीतिक भविष्य को लेकर जल्द लेंगे निर्णय'
यशपाल बेनाम ने साफ कहा है कि उनका राजनीतिक सफर हमेशा अपने सिद्धांतों और स्वतंत्र विचारधारा के साथ ही आगे बढ़ा है. वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते रहे और जनता के समर्थन से जीत भी हासिल की. बेनाम के अनुसार, उनके पास जो राजनीतिक क्षमताएं हैं, उन्हीं के दम पर उन्होंने चुनावों में अपनी पहचान बनाई, लेकिन भाजपा में आठ साल बिताने के बावजूद पार्टी ने उनकी क्षमताओं का समुचित उपयोग नहीं किया. यशपाल बेनाम ने फिलहाल अपने अगले कदम को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं. उन्होंने कहा है कि राजनीतिक भविष्य को लेकर वह जल्द ही निर्णय लेंगे.
कौन हैं यशपाल बेनाम?
मिली जानकारी के मुताबिक, यशपाल बेनाम पौड़ी की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं. वह साल 2007 में पहली बार पौड़ी विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक चुने गए थे. इसके अलावा वह दो बार निर्दलीय और एक बार भाजपा के टिकट पर नगरपालिका अध्यक्ष भी रह चुके हैं. निर्दलीय राजनीति से अपनी पहचान बनाने वाले बेनाम का स्थानीय राजनीति में प्रभाव रहा है. उनके भाजपा छोड़ने के फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पौड़ी जनपद की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह भविष्य में किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगे या फिर एक बार निर्दलीय राजनीति का रास्ता चुनेंगे.
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, वीडियो में रोते हुए बताई अपनी बात
ADVERTISEMENT


