कालसर्प योग का साया: 9 जून से बदलने जा रही ग्रहों की चाल, इन 4 राशियों के लिए अगले 14 दिन बेहद भारी!
ज्योतिष गणना के अनुसार, 9 से 23 जून 2026 के बीच चंद्रमा के राहु-केतु के घेरे में आने से 'पूर्ण कालसर्प योग' का निर्माण हो रहा है. इस खगोलीय बदलाव के कारण वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को मानसिक तनाव, धन हानि और करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है.
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ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को एक बेहद ही संवेदनशील और नकारात्मक प्रभाव देने वाला योग माना गया है. द्रिक पंचांग के अनुसार, कल यानी 9 जून से लेकर 23 जून 2026 के बीच अंतरिक्ष में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इस दौरान जब चंद्रमा राहु और केतु के घेरे के भीतर आ जाएंगे, तो ब्रह्मांड में 'पूर्ण कालसर्प योग' की स्थिति का निर्माण होगा. दरअसल, 9 जून को चंद्रमा कुंभ राशि में कदम रखेंगे, जहां केतु पहले से ही डेरा डाले हुए हैं. ग्रहों के इस चक्रव्यूह के कारण आने वाले 14 दिनों तक कुछ खास राशियों के जातकों को मानसिक अशांति, पैसों की तंगी और करियर में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन राशियों को सबसे ज्यादा फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है.

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वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह स्थिति उनके सुख और माता के भाव (चतुर्थ) और करियर के भाव (दशम) को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाली है. इस दौरान आपकी माताजी का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ सकता है, जिससे आपकी चिंताएं बढ़ेंगी. अगर आप जमीन, मकान या नई गाड़ी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो अभी रुक जाएं क्योंकि इनसे जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं. घर का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है और सुख-शांति में कमी आएगी. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई भी पुराना मामला हो, तो उसे गुस्से के बजाय धैर्य और शांति से निपटाने की कोशिश करें.

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सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है. इस समय केतु आपकी ही राशि यानी लग्न भाव में विराजमान हैं, जबकि राहु की नजर आपके सातवें भाव पर है. इसके चलते आपके जीवनसाथी या फिर बिजनेस पार्टनर के साथ गंभीर मतभेद उभर सकते हैं. इस 14 दिनों की अवधि में आपकी सोचने-समझने और सही फैसला लेने की क्षमता थोड़ी कमजोर पड़ सकती है, जिसके कारण आपके हाथ से बने-बनाए काम भी निकल सकते हैं. अगर आप कोई नया व्यापार शुरू करने जा रहे हैं या किसी के साथ नई पार्टनरशिप की सोच रहे हैं, तो इस योजना को कुछ समय के लिए टाल देना ही बेहतर होगा.

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वृश्चिक राशि: राहु और केतु का यह चक्र आपकी राशि के चौथे और दसवें भाव पर अपना असर दिखा रहा है. नौकरीपेशा लोगों को इस दौरान ऑफिस में काफी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि आपके खिलाफ कोई गुप्त साजिश या राजनीति हो सकती है. काम के दबाव और माहौल के कारण आपके मन में अचानक नौकरी बदलने का विचार आ सकता है, लेकिन जल्दबाजी में आकर कोई भी नया कदम उठाना आपके लिए नुकसानदेह साबित होगा. घर-परिवार में भी थोड़ा मनमुटाव रह सकता है, इसलिए वर्कप्लेस पर सहकर्मियों के साथ किसी भी तरह की बहस में न पड़ें और केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें.

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कुंभ राशि: चूंकि राहु इस समय आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए इस कालसर्प योग का सबसे सीधा असर आपके निजी स्वभाव और सेहत पर देखने को मिलेगा. इस दौरान आपके सामने अचानक कुछ ऐसे बड़े खर्चे आ सकते हैं, जिनकी आपने उम्मीद भी नहीं की होगी. स्वास्थ्य के लिहाज से सिरदर्द, तनाव या मानसिक भ्रम (कन्फ्यूजन) की स्थिति लगातार बनी रह सकती है, जिससे आपके काम प्रभावित होंगे. इसके अलावा, दुर्घटना या चोट लगने के भी योग बन रहे हैं, इसलिए सड़क पर वाहन चलाते समय बेहद सावधानी बरतें. इस समय कहीं भी बड़ा निवेश करने से पूरी तरह बचें.

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इस नकारात्मक योग के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिष में कुछ बेहद प्रभावी उपाय बताए गए हैं. इस पूरी अवधि में नियमित रूप से सुबह के समय शिवलिंग पर साफ जल या दूध चढ़ाएं और 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का सच्चे मन से जाप करें, क्योंकि महादेव की पूजा से कालसर्प दोष का असर खत्म हो जाता है. इसके साथ ही, शाम के वक्त राहु के मंत्र (ऊं रां राहवे नमः) या केतु के मंत्रों का पाठ करें. ग्रहों की शांति के लिए बुधवार या शनिवार को अपनी श्रद्धा के अनुसार काले तिल, कंबल या सात तरह के अनाजों का दान करें, इससे राहु-केतु का बुरा असर काफी हद तक कम हो जाता है.