1 सितंबर से जागेगा शनि-मंगल का उग्र योग: इन 3 राशियों के शुरू होंगे कठिन दिन, रहें सावधान!

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ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल अक्सर हमारे जीवन में बड़े बदलाव लेकर आती है. जब बात शनि और मंगल की हो, तो यह हलचल और भी उग्र हो जाती है. जहां मंगल को अग्नि, साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, वहीं शनिदेव धैर्य, न्याय और कर्मफल के कारक हैं. जब ये दो परस्पर विरोधी तासीर वाले ग्रह आमने-सामने आते हैं, तो आकाशीय मंडल में एक अजीब सा खिंचाव पैदा होता है.

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द्रिक पंचांग की गणनाओं के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 से मंगल और शनि एक-दूसरे से 90 डिग्री का कोण बनाकर 'केंद्र योग' का निर्माण करने जा रहे हैं. दो क्रूर और आक्रामक ग्रहों की यह स्थिति ज्योतिषीय दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील मानी जा रही है. भले ही सेना, पुलिस, राजनीति और टेक फील्ड से जुड़े लोगों को इस दौरान अचानक बड़ी कामयाबी मिल जाए, लेकिन आम लोगों के लिए यह दौर थोड़ा संभलकर चलने का है.

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इस योग के प्रभाव से देश-दुनिया और व्यक्तिगत जीवन में विवाद, दुर्घटनाएं या मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका रहती है. ग्रहों का यह उग्र तालमेल कुछ राशियों के लिए खास तौर पर चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. ऐसे में समय रहते सही सावधानियां बरतकर इस उथल-पुथल से बचा जा सकता है.
 

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वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों को इस दौरान दफ्तर और घर दोनों जगह संयम की परीक्षा देनी पड़ सकती है. आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं होगी, फिर भी नतीजे मिलने में थोड़ा समय लग सकता है. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला आपकी मुसीबतें बढ़ा सकता है. इस दौरान गाड़ी संभलकर चलाएं, पैसों के लेन-देन में लापरवाही न बरतें और सहकर्मियों या सीनियर से उलझने की गलती बिल्कुल न करें.

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कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए यह केंद्र योग मन में बेवजह की बेचैनी और मानसिक दबाव ला सकता है. कई बार आपके लगभग पूरे हो चुके काम भी आखिरी मौके पर अटक सकते हैं. अगर आप कारोबार में हैं, तो कोई नया प्रयोग करने या बड़ा पैसा फंसाने से बचें. किसी नए सौदे या बड़े वित्तीय समझौते को कुछ दिनों के लिए टाल देना ही समझदारी होगी. इसके अलावा, अपनी सेहत का ख्याल रखें और खान-पान में कोताही न बरतें.
 

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मीन राशि: मीन राशि के जातकों को शनि की नजर और मंगल के प्रभाव के कारण रिश्तों और कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. पार्टनरशिप में काम कर रहे लोगों के बीच गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है. जरा सी लापरवाही आपको भारी आर्थिक चपत लगा सकती है. किसी भी दस्तावेज पर बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर न करें और संपत्ति से जुड़े कागजों को बिल्कुल साफ-सुथरा रखें.

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बचाव के आसान और सटीक उपाय

  • हनुमान जी की शरण: मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें. बजरंगबली की पूजा करने से मंगल का उग्र स्वभाव शांत होता है और शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है.
  • सूर्य देव की उपासना: रोजाना सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें. इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव कम होता है.
     
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संयम और सावधानी: वाहन चलाते समय रफ्तार पर काबू रखें. बात-बात पर गुस्सा करने से बचें और किसी भी तरह के कानूनी या संपत्ति विवाद से दूरी बनाकर रखें.

ग्रहों का यह दौर सतर्कता की मांग करता है. थोड़ी सी समझदारी, संयम और अध्यात्म का सहारा लेकर आप इस उग्र योग के विपरीत प्रभावों से आसानी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.
 

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(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है. इसकी सत्यता या सटीकता की हम पुष्टि नहीं करते हैं.)