सावन में शुक्र की बदलेगी चाल: 1 अगस्त से नीच राशि में प्रवेश करेंगे सुख-वैभव के दाता, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान
सावन में 1 अगस्त से शुक्र ग्रह का कन्या राशि में गोचर होने जा रहा है, जिससे उनकी स्थिति नीच की हो जाएगी. इसके प्रभाव से 2 सितंबर तक के जातकों को सेहत, खर्च, पारिवारिक जीवन और व्यापार में विशेष सावधानी बरतनी होगी.
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भोलेनाथ की भक्ति का पवित्र महीना सावन शुरू हो चुका है और इस पूरे महीने शिव जी की आराधना का दौर चलेगा. 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ ही इस पावन महीने का समापन होगा. हालांकि धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह महीना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी बेहद खास माना जा रहा है. सावन के दौरान आकाश मंडल में कई बड़े ग्रहों की चाल बदलने वाली है. इसी कड़ी में जीवन में सुख, समृद्धि, सौंदर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक ग्रह यानी शुक्र देव भी अपनी चाल बदलने जा रहे हैं. अगस्त महीने की शुरुआत होते ही शुक्र का बड़ा राशि परिवर्तन होने वाला है, जो हर व्यक्ति के जीवन पर अपना असर डालेगा.

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ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 1 अगस्त को शुक्र देव सूर्य की राशि सिंह से निकलकर बुध के स्वामित्व वाली कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे. वैदिक ज्योतिष में कन्या राशि को शुक्र की नीच राशि माना गया है. यानी जब भी शुक्र इस राशि में आते हैं, तो उनका प्रभाव थोड़ा धीमा और कमजोर हो जाता है. शुक्र देव 1 अगस्त से लेकर 2 सितंबर तक इसी नीच राशि में विराजमान रहेंगे. लगभग एक महीने का यह समय कई राशि के जातकों के लिए मिलाजुला रहेगा. जहां कुछ लोगों के लिए यह बदलाव शुभ अवसर लाएगा, वहीं ज्योतिषविदों के मुताबिक 4 ऐसी राशियां हैं जिन्हें इस दौरान कदम-कदम पर संभलकर चलने की सलाह दी गई है.

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मेष राशि: मेष राशि वाले जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर उनके छठे भाव में होने जा रहा है. ज्योतिष में छठा भाव बीमारी, कर्ज और विरोधियों का माना जाता है. ऐसे में 2 सितंबर तक आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा. जरा सी लापरवाही भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती है. इसके अलावा, इस दौरान आपके गुप्त शत्रु यानी छिपे हुए विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, जो आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे. पैसों के मामले में भी यह समय संभलकर चलने का है. बेवजह के खर्च आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं, इसलिए किसी को भी उधार देने से बचें और कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय बहुत सोच-समझकर ही लें.

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मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रवेश चौथे भाव में होने वाला है, जो सुख, परिवार और संपत्ति से जुड़ा होता है. इस गोचर के प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में थोड़ी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है. छोटी-छोटी बातों पर घर के सदस्यों के बीच अनबन या किचकिच होने की आशंका है. अगर आप नया मकान, गाड़ी या कोई बड़ी संपत्ति खरीदने का मन बना रहे हैं, तो फिलहाल थोड़ा इंतजार करना बेहतर होगा क्योंकि इन कामों में अड़चनें आ सकती हैं. इसके साथ ही पैसों के लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें, वरना नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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तुला राशि: तुला राशि के स्वामी खुद शुक्र देव ही हैं, और उनका यह गोचर तुला राशि के 12वें भाव यानी व्यय (खर्च) और यात्रा के स्थान में होगा. स्वामिग्रह का नीच राशि में जाना और 12वें भाव में बैठना आपके बजट को पूरी तरह बिगाड़ सकता है. आने वाले एक महीने में फिजूलखर्ची अचानक बढ़ सकती है. यदि आपको किसी काम से यात्रा पर जाना पड़े, तो पहले से पूरी प्लानिंग बना लें, अन्यथा धन हानि के साथ-साथ समय की बर्बादी भी हो सकती है. रिश्तों के मोर्चे पर भी थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है; बातचीत में स्पष्टता रखें ताकि कोई गलतफहमी पैदा न हो.

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मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह बदलाव सातवें भाव में होगा. सातवां भाव जीवनसाथी और व्यापार में साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है. इस गोचर के चलते शादीशुदा जिंदगी में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं.

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पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर वैचारिक मतभेद गहरा सकते हैं, इसलिए संयम और शांति से काम लें. वहीं जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस चला रहे हैं, उन्हें अपने पार्टनर के साथ तालमेल बनाकर रखना होगा. किसी भी नए दस्तावेज या पैसों से जुड़े सौदे पर हस्ताक्षर करने से पहले नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ लें, जल्दबाजी में लिया गया फैसला व्यापार में घाटा करा सकता है.

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1 अगस्त से 2 सितंबर तक का यह समय इन चारों राशियों के लिए धैर्य और सावधानी बरतने का है. संयमित जीवनशैली, सोच-समझकर किए गए खर्चे और वाणी पर नियंत्रण रखकर आप इस गोचर के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
