Surya Gochar 2026: वृषभ राशि में सूर्य का प्रवेश, अगले 1 महीने इन 3 राशियों की बढ़ेगी टेंशन!

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ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का राशि परिवर्तन एक बेहद बड़ी और असरदार घटना मानी जाती है. जब भी सूर्य एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में कदम रखते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है. इस बार सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष की यात्रा को विराम देकर शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश कर चुके हैं. जिसे वृषभ संक्रांति के नाम से जाना जा रहा है. क्योंकि सूर्य को हमारी आत्मा, मान-सम्मान, समाज में प्रतिष्ठा, पिता, सरकारी नौकरी और अच्छी सेहत का कारक माना जाता है, इसलिए उनका यह बदलाव हर इंसान की जिंदगी पर गहरा असर डालता है.

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दिलचस्प बात ये है कि सूर्य देव ने सिर्फ राशि ही नहीं बदली है बल्कि रोहिणी नक्षत्र में भी प्रवेश किा है. ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि मन के कारक चंद्रमा के नक्षत्र में जब ग्रहों के राजा आते हैं. तो लोगों की सोच, स्वभाव और मानसिक स्थिति में सीधा बदलाव देखने को मिलता है. सूर्य का यह दोहरा राशि और नक्षत्र परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव लेकर आने वाला है. जहां कुछ राशियों के लिए यह समय किसी वरदान की तरह साबित होगा, वहीं 3 राशियां ऐसी हैं जिनके लिए अगला एक महीना अग्निपरीक्षा जैसा हो सकता है और उन्हें हर कदम फूंक-फूंक कर रखना होगा.
 

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इस लिस्ट में पहली संवेदनशील राशि है तुला. तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर उनकी कुंडली के आठवें यानी अष्टम भाव में होने जा रहा है. ज्योतिष विज्ञान में आठवें घर को अचानक आने वाले संकटों, गुप्त परेशानियों और बाधाओं का स्थान माना जाता है. रोहिणी नक्षत्र के इस दौर में तुला राशि वालों के गुप्त शत्रु अचानक सक्रिय हो सकते हैं और पुराने दबे हुए विवाद या कोर्ट-कचहरी के मामले दोबारा सिर उठा सकते हैं. पैसों के मामले में भी यह समय काफी जोखिम भरा है; इस दौरान किसी को बड़ा उधार देने से बचें, वरना वह पैसा डूब सकता है. साथ ही शेयर बाजार, सट्टे या किसी नए व्यापार में बड़ा निवेश करने का विचार इस महीने के लिए टाल देना ही सबसे समझदारी भरा फैसला होगा. इस नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए तुला राशि के जातकों को रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करना चाहिए.

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दूसरी जिस राशि पर सूर्य के इस गोचर का भारी दबाव दिखने वाला है, वह है कुंभ. कुंभ राशि के लोगों की कुंडली में सूर्य देव चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं, जिसे सुख, संपत्ति, माता और वाहन का घर माना जाता है. सूर्य स्वभाव से एक बेहद उग्र और गर्म ग्रह हैं, इसलिए सुख भाव में बैठते ही यह आपके पारिवारिक जीवन की शांति में खलल डाल सकते हैं. चंद्रमा के नक्षत्र रोहिणी के प्रभाव के कारण इस महीने आपके भीतर अजीब सी बेचैनी, अत्यधिक भावुकता और अचानक गुस्सा आने की प्रवृत्ति एक साथ देखने को मिल सकती है, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है. इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और विवादों से दूर रहें. उपाय के तौर पर कुंभ राशि के जातक रविवार के दिन गाय को गेहूं और गुड़ खिलाएं, इससे सूर्य देव का प्रकोप शांत होगा.
 

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तीसरी और आखिरी राशि जिसे इस गोचर के दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी, वह है मीन. मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर तीसरे यानी तृतीय भाव में होने जा रहा है. वैसे तो सामान्य तौर पर तीसरे घर में सूर्य को शुभ और बलवान माना जाता है, लेकिन रोहिणी नक्षत्र के समीकरण और वृषभ राशि के स्वामी शुक्र के साथ सूर्य की पुरानी शत्रुता होने के कारण, यह गोचर मिले-जुले और कुछ मायनों में काफी नकारात्मक परिणाम लेकर आएगा. इस अवधि में कार्यक्षेत्र या बिजनेस में आपको अपने आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम में अचानक कमी महसूस हो सकती है. ऑफिस में सहकर्मियों या पार्टनर्स के साथ तालमेल बिगड़ने की वजह से आपकी साख और छवि को ठेस पहुंच सकती है. नौकरीपेशा लोग इस बात का खास ध्यान रखें कि जल्दबाजी या बिना सोचे-समझे किसी भी नए एग्रीमेंट या सरकारी कागजात पर दस्तखत न करें, वरना आने वाले समय में बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं.

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सूर्य का वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में जाना एक बड़ा ब्रह्मांडीय बदलाव है, जो इन तीनों राशियों के धैर्य और समझदारी की परीक्षा लेगा. अगर आप भी तुला, कुंभ या मीन राशि के अंतर्गत आते हैं, तो अगले 30 दिनों तक जोश की बजाय होश से काम लें, पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतें और अपने गुस्से पर पूरी तरह काबू रखें. सूर्य देव की नियमित आराधना और बताए गए छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर आप इस गोचर के बुरे प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपने जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं.