जब बारात में महंगी गाड़ियों की जगह बैलगाड़ी से पहुंचे बाराती तो लोगों का लग गया तांता, सामने आई फोटोज
Samastipur Viral Wedding: समस्तीपुर में एक अनोखी बारात ने सबका ध्यान खींच लिया, जब दूल्हा घोड़े पर और बाराती 35 बैलगाड़ियों में सवार होकर शादी स्थल पहुंचे. इको-फ्रेंडली और पारंपरिक थीम वाली इस शादी में डीजे की जगह लोकगीत और शहनाई की धुन गूंजी. जानें समस्तीपुर की इस वायरल बारात की पूरी कहानी और सामने आई खास तस्वीरें.

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आजकल के इस युग में जब शादी होती है आपको महंगी-महंगी गाड़ियां दिखती होगी, जिसमें खुद दूल्हा राजा सवार होते है. दूल्हे के अलावा बारातियों के लिए भी बेहतरीन गाड़ियों का इंतजाम किया जाता है ताकि समाज में अपना वर्चस्व बना रहा. लेकिन बीती रात समस्तीपुर में जो शादी हुई उसकी हर जगह चर्चा हो रही है.

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महंगी गाड़ी की जगह दूल्हा घोड़े पर सवार था और बारातियों के लिए कोई लक्जरी गाड़ी नहीं बल्कि बैलगाड़ी का इंतजाम किया गया था. जैसे ही बारात सड़क पर निकले तो इस नजारे को देखने के लिए लोगों का तांता उमर पड़ा और लोग इसका फोटो-वीडियो लेने लगे. साथ ही लोग इस प्राचीन काल में दिखने वाली परंपरा को लेकर बात करने लगे.

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यह बारात समस्तीपुर शहर के मगरदही घाट के रहने वाले प्रदीप सेठ के बेटे आलोक की शादी का था. 25 फरवरी को आलोक की शादी रोसड़ा की रहने लड़की से तय हुई थी. तय कार्यक्रम से सारी चीजें हुई. दूल्हे के लिए खास तौर घोड़े को सजाया गया था. परिवार ने शादी को इको-फ्रेंडली बनाने के साथ-साथ प्राचीन सभ्यता को अपनाने का फैसला लिया और इसलिए यह व्यवस्था की गई. द

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परिवार ने भले ही बैलगाड़ी से बारात निकाली, लेकिन यह भी हाई-फाई थी. कई बैलगाड़ी पर सोफे देखने को मिले, जिसपर मेहमान आराम से बैठकर इस बारात का लुफ्त उठा रहे थे. वहीं कई बैलगाड़ी पर नीचे बैठने के लिए बेहतरीन गद्दे लगवाए गए थे.

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इस बारात की खास बात यह भी रही कि यहां बड़े-बड़े डीजे की जगह पारंपरिक लोकगीत बजाने की व्यवस्था की गई थी. लोकगीत बजाने वाले अपने पूरे यंत्र के साथ वहां पहुंचे थे और बैलगाड़ी पर ही बैठकर शहनाई, तबला बजाते दिखे.

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आपको बता दें कि इस बारात के लिए कुल 35 बैलगाड़ी और 70 बैल मंगाए गए थे. साथ ही बारात को यादगार बनाने के लिए दूल्हे के घोड़े के साथ-साथ बारात में आई बैलों को भी रंग लगाकर सजाया गया था.

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जैसे ही बारात गजराज पैलेस पहुंची तो वहां का माहौल भी बदल गया. दुल्हन पक्ष के लोग इस तरह के बारात को देखकर चौंक गया और वे लोग ऐसा महसूस करने लगे जैसे की वो पुराने जमाने में चले गए है.

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वहीं इस थीम को तैयार करने वाले महेंद्र प्रधान ने बताया कि वे पशु प्रेमी हैं और सोनपुर मेला में बराबर कार्यक्रम करते रहते है. उन्होंने बताया कि लोग महंगी-महंगी गाड़ियों से बारात जाते है तो उन्हें झांकने वाला कोई नहीं होता लेकिन आज जो बारात बैलगाड़ी से निकली है उसे देखने के लिए काफी लोग जुटे हैं.











