अनंत सिंह की विधायकी पर सवाल, ललन सिंह और संजय झा ने साधी चुप्पी !

अनंत सिंह की विधायकी पर उठ रहे सवालों के बीच ललन सिंह और संजय झा ने क्यों साधी चुप्पी? JDU से निष्कासन के बाद अनंत सिंह की सदस्यता को लेकर क्या है पूरा मामला? बिहार की राजनीति में इस मुद्दे पर हलचल तेज है. देखिए इस रिपोर्ट में अनंत सिंह की विधायकी, JDU के रुख और बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी.

ADVERTISEMENT

Anant Singh News
Anant Singh News
Google CTA

बिहार की राजनीति में अनंत सिंह के जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निष्कासन के बाद उनकी विधायकी पर भी सवाल उठने लगे हैं. इसी बीच संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से जब अनंत सिंह के निष्कासन और उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर सवाल पूछे गए, तो दोनों नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इस घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है. अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि उनकी विधायकी पर क्या फैसला होता है. वहीं, इस मुद्दे पर पार्टी के दो प्रमुख नेताओं की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

अनंत सिंह के निष्कासन के बाद विधायकी पर क्या होगा?

मोकामा से विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी ने उन पर आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने और पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था. लेकिन अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया. इसी घटनाक्रम के बाद पार्टी और अनंत सिंह के बीच विवाद बढ़ गया. जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है. हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. अनंत सिंह की विधायकी पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा.

संसद परिसर में ललन सिंह और संजय झा से पूछे गए सवाल

अनंत सिंह के निष्कासन के बाद दिल्ली में संसद परिसर में ललन सिंह और संजय झा से इस मामले को लेकर सवाल पूछे गए. मीडिया ने दोनों नेताओं से अनंत सिंह की विधायकी पर संभावित कार्रवाई और पार्टी के फैसले से जुड़े सवाल किए. दोनों नेताओं ने इन सवालों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और आगे बढ़ गए. ऐसे में अनंत सिंह के मामले पर उनकी चुप्पी चर्चा का विषय बन गई है.

अनंत सिंह प्रकरण से क्यों बढ़ी जेडीयू की मुश्किलें?

अनंत सिंह और जेडीयू के बीच विवाद केवल निष्कासन तक सीमित नहीं रहा है. MLC चुनाव के दौरान पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ अनंत सिंह के प्रचार ने संगठन के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया था. इससे पहले ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत कर विवाद सुलझाने की कोशिश की थी. संजय झा ने भी उस समय ललन सिंह के प्रयास को पार्टी के हित में बताया था. अब निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने जेडीयू नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं. इससे बिहार में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.

क्या जेडीयू में अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करती है चुप्पी?

ललन सिंह और संजय झा की चुप्पी के बीच जेडीयू की आंतरिक राजनीति पर भी चर्चा हो रही है. फिलहाल, अनंत सिंह के निष्कासन के बाद उनकी विधायकी का सवाल और संसद परिसर में ललन सिंह तथा संजय झा की चुप्पी बिहार की राजनीति के अहम घटनाक्रम बने हुए हैं.