Anant Singh News: JDU से निष्कासन के बाद अनंत सिंह बोले- इस पार्टी के लिए हमने गद्दारी तक की
अनंत सिंह ने जेडीयू से निकाले जाने के बाद पार्टी के लिए गद्दारी तक करने की बात कही है. इस बीच 2024 के फ्लोर टेस्ट के दौरान नीलम देवी के फैसले पर तेजस्वी यादव का पुराना बयान फिर चर्चा में है.
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बिहार की राजनीति में अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन के बाद बयानबाजी तेज हो गई है. पार्टी से छह साल के लिए निकाले जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपना दर्द जाहिर किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए गद्दारी तक की थी और सरकार को बचाने में भी भूमिका निभाई थी. उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में पुराने घटनाक्रमों की चर्चा फिर शुरू हो गई है. अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जेडीयू ने विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग जाकर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की है. अनंत सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी.
अनंत सिंह को क्यों याद आया पुराना सियासी घटनाक्रम?
अनंत सिंह के बयान के बीच फरवरी 2024 का फ्लोर टेस्ट भी चर्चा में आ गया है. उस समय बिहार में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में लौटे थे और विधानसभा में नई सरकार को बहुमत साबित करना था. फ्लोर टेस्ट के दौरान अनंत सिंह की पत्नी और तत्कालीन मोकामा विधायक नीलम देवी ने नीतीश कुमार की सरकार का समर्थन किया था. उस समय नीलम देवी के फैसले को लेकर बिहार की राजनीति में काफी चर्चा हुई थी. उनके साथ चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव के रुख को भी सियासी घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना गया था.इस घटनाक्रम के बाद तेजस्वी यादव ने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए नीलम देवी का जिक्र किया था. उन्होंने उनके फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि आगे भी उन्हें उनकी याद आएगी तो वे साथ खड़े रहेंगे. अब अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन के बाद तेजस्वी यादव का यही पुराना बयान फिर चर्चा में है. जो उन्होंने 12 फरवरी 2024 को दिया था.
तेजस्वी यादव ने नीलम देवी को लेकर क्या कहा था?
फ्लोर टेस्ट के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीलम देवी महिला हैं और उनके फैसले का वह स्वागत करते हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि आगे जरूरत पड़ने पर उन्हें जरूर याद करना चाहिए. तेजस्वी के इस बयान को अब अनंत सिंह और नीलम देवी के मौजूदा राजनीतिक हालात के संदर्भ में देखा जा रहा है. इधर, जेडीयू की ओर से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा किए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि, सदस्यता पर अंतिम फैसला सक्षम संवैधानिक प्राधिकारी की प्रक्रिया के तहत ही होगा. पार्टी से निष्कासन अपने आप में विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बराबर नहीं है.
