बेगूसराय अस्पताल की खुली शर्मनाक पोल, इलाज के नाम पर पैर में बांध दिया 'गत्ता'!
बेगूसराय के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल की बड़ी लापरवाही! सड़क हादसे में घायल युवक के फ्रैक्चर पैर पर गत्ते (कार्टून) का टुकड़ा बांधकर किया रेफर। सिविल सर्जन और प्रभारी की सफाई पर उठे गंभीर सवाल, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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न्यूज़ हाइलाइट्स
"पैर फ्रैक्चर होने के बाद ब्लीडिंग रोकने और प्राथमिक उपचार के तौर पर गत्ता (कार्टून) का सपोर्ट देना मेडिकल साइंस में बिल्कुल गलत नहीं है. उस समय अस्पताल में ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) के डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे और ड्रेसर भी मौजूद नहीं था. इसलिए मरीज की जान बचान
बिहार की बदहाल और वेंटिलेटर पर पड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर बेगूसराय जिले से सामने आई है. जिस अनुमंडलीय अस्पताल का उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करोड़ों रुपये की लागत से जनता को बेहतर इलाज देने के लिए किया था, उसी अस्पताल में एक सड़क हादसे के शिकार युवक के टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह कागज/कार्टून का गत्ता लपेटकर बैंडेज बांध दिया गया और उसे रेफर कर रफूचक्कर कर दिया गया.
