भरत तिवारी एनकाउंटर पर एकजुट हुए 'अगड़े और पिछड़े', चौतरफा दबाव में घिरे सीएम सम्राट चौधरी?
Bharat Tiwari Encounter: बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है. अगड़ी और पिछड़ी जातियां एक साथ न्याय की मांग करती नजर आ रही हैं. एनकाउंटर को लेकर सरकार के कई मंत्री भी सवाल उठा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई पर कायम हैं.
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Bharat Tiwari Encounter Case
बिहार की राजनीति में अमूमन हर मुद्दे को जातीय रंग में रंगे देखा जाता है, लेकिन भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने राज्य की सियासत में एक अभूतपूर्व बदलाव ला दिया है. बिहार की पारंपरिक और ध्रुवीकृत जातिगत राजनीति के विपरीत, इस एनकाउंटर के बाद पहली बार अगड़ी और पिछड़ी जातियां एक सुर में इंसाफ की मांग करती नजर आ रही हैं. इस सामाजिक लामबंदी के कारण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पार्टी के भीतर और बाहर, दोनों तरफ से भारी राजनीतिक दबाव महसूस कर रहे हैं. बिहार की कानून व्यवस्था के साथ-साथ इस खास एनकाउंटर पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसने राज्य की सत्ता को चौतरफा घेर लिया है.