MLC Election Result: शिक्षक सीट पर हार से आहत शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने महासचिव पद से दिया इस्तीफा, बोले- अब बर्दाश्त नहीं

बिहार MLC चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों से आहत बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने पद से इस्तीफे की पेशकश की है. उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ की सक्रिय राजनीति में अब उनकी स्थिति नहीं रही और आगे की लड़ाई नया नेतृत्व संभालेगा.

ADVERTISEMENT

MLC Election Result
शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, पूर्व सांसद
Google CTA

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद शिक्षक राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है. खासकर तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में प्रोफेसर संजय कुमार सिंह की हार से बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव और पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह काफी आहत हैं. उन्होंने बिहार तक से खास बातचीत में बताया कि उन्होंने संघ के अध्यक्ष को पत्र लिखकर महासचिव पद से अपना इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है. उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके लिए शिक्षक संघ की सक्रिय राजनीति में बने रहना मुश्किल हो गया है.

संजय कुमार सिंह की हार से क्यों आहत हैं शत्रुघ्न प्रसाद सिंह?

तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रोफेसर संजय कुमार सिंह का समर्थन किया था. हालांकि, चुनाव परिणाम संघ की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे. शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने बातचीत में कहा कि मतगणना से पहले उन्होंने हार की आशंका जताई थी, लेकिन इतनी बड़ी हार की कल्पना नहीं की थी. उन्होंने कहा कि शिक्षक राजनीति में उन्होंने अपना लंबा जीवन समर्पित किया है. प्रधानाध्यापक के पद से इस्तीफा देकर शिक्षकों के हित में काम करना शुरू किया था. उनके मुताबिक, शिक्षकों की समस्याओं को सड़क से सदन तक उठाने में उन्होंने अपनी जवानी और जीवन का बड़ा हिस्सा लगा दिया. चुनाव परिणाम पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जब संघर्ष करने का समय था, तब उन्होंने साथ दिया, लेकिन अब उन्हें निराशा हाथ लगी है.

शिक्षकों पर लगाए पैसे लेकर वोट देने के आरोप

बातचीत के दौरान शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने चुनाव में पैसे के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया. उन्होंने दावा किया कि कुछ मतदाताओं के बीच पैसे का प्रभाव देखने को मिला. उन्होंने गांधी जी की तस्वीर वाले नोटों का जिक्र करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह शिक्षकों पर पैसे लेकर मतदान करने का आरोप लगा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि यह केवल आरोप नहीं, बल्कि उनके मुताबिक सामने आई स्थिति है. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक मतदाताओं में वित्त रहित विद्यालयों, मदरसों, संस्कृत विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों और विश्वविद्यालयों सहित अलग-अलग संस्थानों के शिक्षक शामिल थे.


महासचिव पद से इस्तीफे के लिए अध्यक्ष को लिखा पत्र

शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने साफ कहा कि उन्होंने बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष को लिखकर अपना त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके भीतर अब पहले की तरह काम करने की स्थिति नहीं है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षकों की सेवा के लिए अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा दे दिया, लेकिन चुनाव परिणाम ने उन्हें निराश किया है. उनके अनुसार, अब शिक्षक संघ की आगे की लड़ाई नया नेतृत्व संभालेगा. हालांकि, बातचीत में उन्होंने इस्तीफे की पेशकश और उसे स्वीकार करने के अनुरोध की बात कही है. अध्यक्ष की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने की पुष्टि इस बातचीत में नहीं हुई.

1967 से शिक्षक राजनीति में सक्रिय रहे हैं शत्रुघ्न प्रसाद सिंह

बातचीत के दौरान उनके लंबे राजनीतिक सफर का भी जिक्र हुआ. एंकर ने कहा कि शत्रुघ्न प्रसाद सिंह 1967 से शिक्षक राजनीति में सक्रिय रहे हैं. इतने लंबे समय तक शिक्षक आंदोलन और संघ की गतिविधियों से जुड़े रहने के बाद उनका यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह जीवनभर सड़क पर संघर्ष करने वाले सिपाही रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें इस बात का दुख है कि नियोजित और विशेष शिक्षकों की प्रोन्नति जैसे मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी. शिक्षकों की समस्याओं और विसंगतियों को दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में रहा है. उन्होंने चुनाव जीतने वाले सभी नए विधान पार्षदों को बधाई भी दी है.