'जब कोई नहीं आएगा, तब तेजस्वी आएगा.' अनंत सिंह के JDU से बाहर होते ही वायरल हुआ तेजस्वी का पुराना बयान
अनंत सिंह के JDU से निष्कासन के बीच तेजस्वी यादव का 2024 का बयान 'जब कोई नहीं आएगा, तब तेजस्वी आएगा' वायरल है. जानिए पूरा मामला और सियासी मायने.
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पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच बढ़े विवाद के बीच तेजस्वी यादव का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फरवरी 2024 में बिहार विधानसभा के अंदर दिया गया तेजस्वी का बयान 'कोई आए ना आए, जब समय आएगा तो तेजस्वी आएगा' एक बार फिर चर्चा में है. इस बयान में तेजस्वी यादव तत्कालीन विधायक नीलम देवी से कह रहे थे कि जब कोई साथ नहीं देगा, तब उन्हें तेजस्वी की याद जरूर आएगी. अब सवाल उठ रहा है कि करीब ढाई साल पुराने इस बयान को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर क्यों देखा जा रहा है? इसके पीछे अनंत सिंह और JDU के बीच हाल में पैदा हुआ विवाद भी एक बड़ी वजह है.
क्यों वायरल हो रहा है तेजस्वी यादव का पुराना बयान?
तेजस्वी यादव का यह बयान 12 फरवरी 2024 को बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान का है. उस समय राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की विधायक नीलम देवी ने पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए नीतीश कुमार की सरकार के पक्ष में मतदान किया था. नीलम देवी मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी हैं. बहुमत परीक्षण के दौरान तेजस्वी यादव ने नीलम देवी के फैसले का जिक्र करते हुए उनसे कहा था, 'बात बने ना बने, बाद में हमको जरूर याद कीजिएगा. जी हां, जब कोई नहीं आएगा, तब तेजस्वी को याद करिएगा. तेजस्वी आएगा.'विधानसभा में दिए गए इस बयान में तेजस्वी यादव ने युवा नेताओं और उनकी राजनीतिक भूमिका का भी जिक्र किया था. अब सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो के दोबारा प्रसारित होने के बाद इस बयान के राजनीतिक मायनों पर चर्चा हो रही है.
जब नीतीश कुमार की सरकार पर आया था संकट
फरवरी 2024 में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ था. नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर NDA में लौट आए थे. इसके बाद विधानसभा में उनकी नई सरकार को बहुमत साबित करना था. उस समय नीलम देवी और तत्कालीन RJD विधायक चेतन आनंद ने पार्टी के रुख से अलग जाकर सरकार के पक्ष में मतदान किया था. इस घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में खूब सुर्खियां बटोरी थीं. विधानसभा में तेजस्वी यादव ने नीलम देवी के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें उनकी बात याद आएगी. मौजूदा समय में यही बयान फिर से चर्चा में है.
अनंत सिंह ने भी किया था 2024 की घटना का जिक्र
तेजस्वी यादव के बयान की चर्चा के बीच अनंत सिंह के हालिया बयानों को भी अहम माना जा रहा है. अनंत सिंह ने नीतीश कुमार की सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने सरकार बचाने के लिए बड़ी कुर्बानी दी थी. अनंत सिंह का दावा रहा है कि उन्होंने नीतीश कुमार का साथ देने के लिए राजनीतिक जोखिम उठाया था. उनके इस बयान के बाद 2024 के घटनाक्रम और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना की जा रही है.
JDU से निष्कासन के बाद अनंत सिंह का अगला कदम क्या होगा?
हालिया घटनाक्रम में JDU ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी ने यह कार्रवाई कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद की. विवाद की मुख्य वजह पटना स्नातक MLC चुनाव में अनंत सिंह का JDU के आधिकारिक प्रत्याशी के बजाय जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करना रहा. पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक रणनीति को लेकर भी संकेत दिए हैं. उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाने की बात कही है. इससे बिहार की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
