दरभंगा शिक्षक MLC सीट पर जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय की जीत, कांग्रेस के मदन मोहन झा को हराया, जानिए उनके बारे में
बिहार विधान परिषद चुनाव में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा को 1,111 से अधिक मतों से हराया. भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले डॉ. राय ने जीत के बाद शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने और शिक्षक सेवा केंद्र खोलने का संकल्प जताया.
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बिहार विधान परिषद चुनाव में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दो बार विधान पार्षद रह चुके डॉ. मदन मोहन झा को 1,111 से अधिक मतों के अंतर से हराया. भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले डॉ. राय की जीत को उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष और शिक्षक हितों के लिए किए गए आंदोलनों से जोड़कर देखा जा रहा है.
शिक्षक से नेता बने डॉ. सुरेश प्रसाद राय का सफर
डॉ. सुरेश प्रसाद राय की उम्र 67 वर्ष है. उन्होंने लंबे समय तक हाई स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया. शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने के दौरान उन्होंने वर्ष 2011 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस ले लिया. इसके बाद उन्होंने शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष और राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाई. वर्ष 2013 में वह भाजपा में शामिल हुए. इसके बाद 2014 के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे, लेकिन कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा से हार गए. वर्ष 2020 के चुनाव में भी उन्हें मदन मोहन झा के हाथों हार का सामना करना पड़ा. वर्ष 2026 के विधान परिषद चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद डॉ. सुरेश प्रसाद राय जन सुराज में शामिल हो गए. पार्टी ने उन्हें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया. इस बार उन्होंने चुनाव जीतकर विधान परिषद में अपनी जगह बनाई और अपने पिछले चुनावी प्रयासों के बाद सफलता हासिल की.
जीत के बाद बेगूसराय में हुआ स्वागत
चुनाव परिणाम आने के बाद डॉ. सुरेश प्रसाद राय के बेगूसराय पहुंचने पर शिक्षकों और जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि वह माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी के तौर पर लगातार शिक्षकों के संपर्क में रहे हैं. शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उन्होंने सड़क से लेकर संगठन तक संघर्ष किया है. डॉ. राय के मुताबिक, शिक्षकों के बीच लंबे समय तक काम करने और उनकी समस्याओं को समझने का अनुभव चुनाव में उनके लिए महत्वपूर्ण रहा. उन्होंने कहा कि इस जीत के बाद शिक्षकों के मुद्दों को सदन में उठाने की उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है.
सातवें वेतनमान और वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे उठाएंगे
नवनिर्वाचित विधान पार्षद डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिले. इसके साथ ही वित्त रहित शिक्षकों को वेतनमान दिलाने और शिक्षकों को गैर-शिक्षण कार्यों से मुक्त कराने की मांग भी उठाई जाएगी. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाने के काम पर ध्यान देने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए. गैर-शिक्षण कार्यों में उनकी व्यस्तता कम करने से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. इन मुद्दों को वह सरकार के सामने रखेंगे.
सरकारी आवास में बनेगा शिक्षक सेवा केंद्र
डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक और घोषणा की. उन्होंने कहा कि जिस तरह जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने आवास को जन सेवा केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया है, उसी तरह वह अपने आवंटित सरकारी आवास को शिक्षक सेवा केंद्र बनाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चारों जिलों में कार्यालय खोलने की योजना है. इन कार्यालयों के जरिए शिक्षक अपनी समस्याएं रख सकेंगे और उनके समाधान के लिए पहल की जाएगी.
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के सामने रखेंगे शिक्षकों की बात
डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के सामने मजबूती से उठाया जाएगा. उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान और उनके सम्मान को प्राथमिकता देना जरूरी है. दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत के बाद अब डॉ. राय के सामने शिक्षकों से किए गए वादों को पूरा कराने की चुनौती होगी. सातवें वेतनमान, वित्त रहित शिक्षकों के वेतन, गैर-शिक्षण कार्यों से राहत और शिक्षक सेवा केंद्र की स्थापना जैसे मुद्दों पर उनकी पहल पर शिक्षकों की नजर रहेगी.
