बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी, जमीन और मकान के दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर

राज्य सरकार ने आमजन की सुविधा के लिए "ई-निबंधन" सॉफ्टवेयर भी लांच किया है. इससे लोग घर बैठे निबंधन के लिए आवेदन, अपडेट की स्थिति, जमीन की श्रेणी, देय शुल्क और ई-केवाइसी कर सकेंगे.

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वर्ष 1908 से लेकर वर्ष 1990 तक कुल पांच करोड़ निबंधित दस्तावेजों को डिजिटाइज किया जाना है, जिसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है. वर्ष 1995 से 2025 तक कुल 2.34 करोड़ निबंधित दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन का काम पूरा किया जा चुका है. इससे लोगों को अब जमीन और मकान के दस्तावेजों को ऑनलाइन देखने में सुविधा मिल जाएगी.