दरभंगा: क्या पूरे गांव के ब्राह्मणों पर हुआ केस? हरिनगर हिंसा मामले में मुखिया ने बताया सच; जानें क्या था विवाद

Darbhanga Brahman Dalit Case: दरभंगा के हरिनगर गांव में हुई हिंसा और SC-ST एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच मुखिया विमल चंद्र खा ने सच्चाई बताई है. जानें क्या था विवाद, कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ और गांव में मौजूदा स्थिति क्या है.

Bihar caste violence
हरिनगर गांव के मुखिया ने बताई पूरी कहानी
social share
google news

बिहार के दरभंगा जिले का हरिनगर गांव इन दिनों चर्चा में है. सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे थे कि गांव के दो गुटों के बीच हुई हिंसा के बाद पुलिस ने एक विशेष वर्ग यानी पूरे ब्राह्मण समाज के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब इस पूरे विवाद और एफआईआर की सच्चाई को लेकर गांव के मुखिया विमल चंद्र खा ने बड़ा खुलासा किया है. आइए विस्तार से समझते है पूरा मामला. 

क्या पूरे गांव पर हुई एफआईआर?

मुखिया विमल चंद्र खा ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूरे ब्राह्मण समाज या पूरे गांव पर केस नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि कुल 70 लोगों को नामजद किया गया है (जिनमें एक नाम डबल होने के कारण संख्या 69 है). जबकि गांव में ब्राह्मणों की आबादी लगभग 2000 है. मुखिया ने स्पष्ट किया कि यह दावा गलत है कि हर एक ब्राह्मण को अभियुक्त बनाया गया है.

विवाद की असली वजह: मजदूरी का पैसा या कुछ और?

मुखिया के अनुसार, विवाद की शुरुआत मजदूरी के लेनदेन को लेकर हुई थी. गांव के एक दामाद और उनकी पत्नी, जो बाहर काम करवाते थे, उनसे मजदूरी के पैसे मांगे जा रहे थे. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा. 31 जनवरी की सुबह हुए हल्के विवाद के बाद शाम को स्थिति बिगड़ गई और एक समूह ने दलित बस्ती (पासवान परिवार) पर हमला कर दिया. मुखिया ने माना कि हमला किसी एक-दो व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि एक बड़ी भीड़ ने संगठित होकर हिंसा की थी.

यह भी पढ़ें...

निर्दोषों के नाम भी शामिल?

मुखिया ने एक और महत्वपूर्ण बात उठाई कि एफआईआर में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी डाल दिए गए हैं जो घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं थे. उदाहरण देते हुए उन्होंने 'सरोज झा' का नाम लिया, जो मुंबई में रहते हैं, लेकिन उनका नाम भी केस में शामिल कर लिया गया है. मुखिया ने इस बारे में पुलिस अधिकारियों से भी बात की है और निर्दोषों के नाम हटाने की मांग रखी है.

गांव में शांति की अपील

हिंसा के बाद गांव में तनाव का माहौल है. मुखिया ने कहा कि यह घटना दुखद है और गांव में कभी ऐसा नहीं हुआ था. उन्होंने अपील की है कि दोनों पक्षों को इसी गांव में साथ रहना है, इसलिए शांति व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है. वर्तमान में गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

यहां देखें वीडियो

यह खबर भी पढ़ें:ब्राह्मण बनाम दलित विवाद में नया मोड़, हिंसा से पहले का 'वायरल वीडियो' आया सामने; 12 लोग हिरासत में

    follow on google news