मुकेश सहनी का आधिकारिक फेसबुक पेज हैक होने का आरोप, पटना साइबर थाने में FIR दर्ज
Mukesh Sahani News: बिहार के पूर्व मंत्री और VIP संस्थापक मुकेश सहनी के आधिकारिक फेसबुक पेज को कथित तौर पर हैक किए जाने का मामला सामने आया है. उनके सोशल मीडिया प्रभारी जितेंद्र कुमार ने 16 अक्टूबर को पटना साइबर थाने में FIR दर्ज कराई है. शिकायत में पेज का नियंत्रण वापस दिलाने, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और मामले की साइबर फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है.
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बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी के आधिकारिक फेसबुक पेज को कथित तौर पर हैक किए जाने का मामला सामने आया है. इस संबंध में उनके सोशल मीडिया प्रभारी जितेंद्र कुमार ने पटना साइबर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच करने, फेसबुक पेज का नियंत्रण वापस दिलाने और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है.
सोशल मीडिया प्रभारी ने साइबर थाने में दी शिकायत
16 अक्टूबर को दी गई शिकायत के मुताबिक, मुकेश सहनी के आधिकारिक फेसबुक पेज (facebook.com/sonofmallah) का इस्तेमाल उनकी सार्वजनिक गतिविधियों, आधिकारिक सूचनाओं और महत्वपूर्ण संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. जितेंद्र कुमार ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि फेसबुक पेज पर अनधिकृत पहुंच बनाकर उसका नियंत्रण हासिल किया गया है. इससे पेज के दुरुपयोग की आशंका पैदा हो गई है. शिकायत में कहा गया है कि इसके जरिए भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा सकती है और मुकेश सहनी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
मेटा से डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
शिकायतकर्ता ने मामले की साइबर फॉरेंसिक जांच कराने का अनुरोध किया है. आवेदन में फेसबुक पेज से जुड़े लॉगिन रिकॉर्ड, ईमेल और मोबाइल नंबर में संभावित बदलावों के साथ अन्य संदिग्ध गतिविधियों की तकनीकी जांच की मांग की गई है. इसके अलावा, फेसबुक की मूल कंपनी मेटा के साथ समन्वय स्थापित कर संबंधित डिजिटल साक्ष्यों और लॉगिन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की अपील की गई है, ताकि जांच के दौरान इनका इस्तेमाल किया जा सके.
फेसबुक पेज का नियंत्रण वापस दिलाने की मांग
जितेंद्र कुमार ने पुलिस से फेसबुक पेज का नियंत्रण उसके अधिकृत संचालक को वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है. उन्होंने यह भी मांग की है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पेज पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल करने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हो.
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि शिकायत प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दी गई है. संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जानी है. फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी.
