नीतीश सरकार की चमचमाती सड़कों के विकास की हकीकत! खर्च हुए करोड़ों रुपए लेकिन 15 साल बाद भी काम अधूरा
Bihar road development: बिहार में नीतीश सरकार की विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आ रही है. बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन से लेकर पटना साहिब-पटना घाट सड़क और छपरा डबल डेकर फ्लाईओवर तक, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 10 से 15 साल बाद भी कई सड़क परियोजनाएं अधूरी हैं. बढ़ती लागत, बार-बार बढ़ती डेडलाइन और जनता की परेशानी ने सरकार के विकास दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार में नीतीश सरकार बराबर विकास की बातें कहती है, जिसमें सड़क से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक शामिल होते है. नेताओं से लेकर सरकारी विज्ञापनों तक आपको चमचमाती सड़कों और बड़े-बड़े पुलों की तस्वीरें भी खूब दिखती हैं. लेकिन अब आप जमीनी स्तर पर चीजों को देखेंगे तो हकीकत कुछ और ही देखने को मिलती है. नीतीश सरकार की कई ऐसी महत्वाकांक्षी योजनाएं सालों से अधूरी है और आज भी पूरी नहीं हो पाई है, हुआ तो सिर्फ डेडलाइन आगे बढ़ाने का काम. इसकी वजह से टैक्स का पैसा पानी की तरह बह रहा और जनता वहीं धूल भरी सड़कों में चलने को मजबूर है.