पटना में खड़गे के भाषण पर बवाल, पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद भिड़े कांग्रेसी, युवक की पिटाई!

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी पर दिए गए बयान का विरोध करने पर कार्यकर्ताओं ने एक युवक की पिटाई कर दी, वहीं खड़गे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने और बीजेपी सरकारों को हटाने की मांग की.

ADVERTISEMENT

मल्लिकार्जुन खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे
Google CTA

पटना में इन दिनों राजनीतिक पारा काफी गर्म है. मौका था आधुनिक बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती का, जहां मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण हंगामे की भेंट चढ़ गया. कार्यक्रम के दौरान एक शख्स द्वारा विरोध जताए जाने पर बात इतनी बढ़ गई कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसकी पिटाई कर दी. आइए जानते हैं इस पूरी घटना का पूरा वाकया.

भाषण के बीच टोका-टाकी और फिर मारपीट

बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे मंच से देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और पीएम मोदी पर बोल रहे थे. इसी बीच, भीड़ में बैठे एक युवक ने खड़े होकर टोक दिया और तंज कसते हुए कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले."

बस फिर क्या था, इस बात पर खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया दी और पीएम मोदी को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी जिससे माहौल और गर्मा गया. देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर हंगामा शुरू हो गया. खड़गे के जवाब के बाद पास ही खड़े आक्रामक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस युवक को दबोच लिया और सरेआम उसकी पिटाई कर दी. इस घटना से कुछ देर के लिए कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

केंद्र और बीजेपी सरकारों पर तीखे हमले

हंगामे के बाद खड़गे ने अपने भाषण को आगे बढ़ाया और केंद्र सरकार के साथ-साथ बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बिहार समेत देश के कई राज्यों में बनी बीजेपी सरकारों पर बड़ा आरोप लगाते हुए उन्हें 'चोरी से बनी सरकार' करार दिया. खड़गे का दावा था कि पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में वोट की चोरी करके सरकारें बनाई गई हैं, इसलिए पिछले दो साल में बनी इन सभी सरकारों को हटाया जाना चाहिए.

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग और नीतीश कुमार पर तंज

अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि देश के सभी चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए. साथ ही, उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को तुरंत रोकने की अपील करते हुए इसे 'आजादी की दूसरी लड़ाई' बताया और लोगों से देशव्यापी आंदोलन में कूदने का आह्वान किया.

बिहार की सियासत पर बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी नहीं छोड़ा. खड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार कभी समाजवादी विचारधारा के प्रतीक हुआ करते थे, लेकिन आज वे खुद बीजेपी और आरएसएस के पाले में जा बैठे हैं. भाषण के अंत में उन्होंने देश के लिए कांग्रेस नेताओं (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) के बलिदान को याद किया और राहुल गांधी के राजनीतिक संघर्ष का भी जिक्र किया.

ये भी पढ़ें: अब बस 3 घंटे में पहुंचे पटना से पूर्णिया, जानें नए एक्सप्रेसवे का पूरा रूट