गवाह मिटा दिए गए, सुबूत दबा दिए गए... शिल्पी- गौतम के लिए इंसाफ की मांग कर रहे पिता ने सुनाई उस रात की कहानी
पटना की होनहार छात्रा शिल्पी जैन और उसके दोस्त गौतम की रहस्यमयी मौत आज भी सवालों के घेरे में है. 26 साल बाद भी शिल्पी के पिता इंसाफ की उम्मीद में सिस्टम और सत्ता से लड़ रहे हैं.
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शिल्पी- गौतम
3 जुलाई 1999, ये तारीख आज भी बिहार के लोगों के जहन में एक खौफनाक याद बनकर दर्ज है. इस दिन पटना के गांधी मैदान के पास एक सरकारी क्वार्टर के गैराज से दो अर्धनग्न लाशें मिलीं. जिसमें एक लड़की थी और एक लड़का.