'अगर मेरी हत्या हो जाती तो...' तेज प्रताप यादव के खिलाफ केस एडमिट होने के बाद बोले अनुष्का के भाई आकाश यादव!
Tej Pratap Yadav News: तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना कोर्ट में केस एडमिट होने के बाद अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी हत्या हो जाती तो कई राज अपने आप सामने आ जाते. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी, जबरन घर में घुसने के आरोप और कोर्ट की पहली सुनवाई के बाद यह मामला अब और ज्यादा चर्चा में आ गया है.
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मुश्किलें अब कानूनी तौर पर काफी बढ़ती नजर आ रही हैं. अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव पर जबरन घर में घुसने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है और अब उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. पटना की एक अदालत में इस मामले को लेकर आकाश यादव द्वारा केस दायर किया गया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. कोर्ट में इस मामले की पहली सुनवाई भी पूरी हो चुकी है, जिसके बाद आकाश यादव ने बिहार तक से बातचीत के दौरान अपनी जान का बड़ा खतरा बताया है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
फ्लैट पर जबरदस्ती घुसने और बदसलूकी का आरोप
आकाश यादव ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा विवाद 6 जून से शुरू हुआ, जब वे खुद राजस्थान के खाटूश्याम में मौजूद थे. उसी दौरान तेज प्रताप यादव और उनके निजी सहायक (PA) मोतीलाल यादव उनके पटना स्थित फ्लैट पर पहुंचे. आरोप है कि दोनों ने जबरदस्ती दरवाजा खोलने और उसे जोर-जोर से पीटने का प्रयास किया, जिससे वहां एक बेहद असहज स्थिति पैदा हो गई. घर में मौजूद आकाश के छोटे भाई ने दरवाजा खोलकर उनसे वहां से चले जाने का आग्रह किया, लेकिन वे जबरन अंदर प्रवेश कर गए और डराने-धमकाने वाले लहजे में बात करने लगे.
घर पर आने-जाने वालों को लेकर आकाश का बड़ा बयान
इंटरव्यू के दौरान जब आकाश यादव से यह पूछा गया कि क्या तेज प्रताप यादव पहले भी उनके घर आते-जाते थे, तो उन्होंने एक बेहद गंभीर बात कही. आकाश ने कहा कि उनके घर पर कौन-कौन आते थे, यह बात वे अभी मीडिया के समक्ष नहीं रखेंगे. उन्होंने बेहद भावुक और कड़े लहजे में कहा कि 'अगर आज मेरी हत्या हो जाती, तो हमारे घर पर कौन-कौन आते थे, यह बात आप लोगों को अपने आप मालूम चल जाती'. आकाश ने कहा कि वे नहीं चाहते कि समाज में कोई बड़ी अनहोनी या अप्रिय घटना घटे, इसलिए वे चाहते हैं कि तेज प्रताप भी शांत हो जाएं और उन्हें भी शांति से जीने दें.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से आया धमकी भरा वॉइस नोट
इस पूरे विवाद में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया, जब उसी रात करीब 12:30 बजे आकाश यादव के व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल और कई वॉइस नोट आए. आकाश का दावा है कि इस वॉइस नोट में खुद को 'बिश्नोई ग्रुप' का बताते हुए एक शख्स ने उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी. वॉइस नोट में साफ तौर पर कहा गया कि 'मंत्री के बारे में एक भी शब्द सुना तो इतनी गोली मारेंगे कि समझ में नहीं आएगा'. धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि प्रशासन या जिसका भी सहारा लेना है ले लो, लेकिन यह आखिरी चेतावनी है. आकाश ने इसे सीधे तौर पर तेज प्रताप यादव के साथ हुए विवाद से जोड़कर देखा है.
पुलिस से नहीं मिली मदद, तो लिया कोर्ट का सहारा
आकाश यादव ने बताया कि धमकियां मिलने के बाद उन्होंने अपनी कानूनी टीम से सलाह ली और 10 तारीख को पटना के पाटलिपुत्र थाने में जाकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज करवाई. हालांकि, पुलिस की तरफ से जांच में उचित संज्ञान न लिए जाने या किसी संभावित राजनीतिक दबाव के कारण, उन्हें कोर्ट का रुख करने की सलाह दी गई. इसके बाद उन्होंने अदालत का सहारा लिया, जहां सारे सबूत जैसे ऑडियो क्लिप, वॉइस नोट्स और कॉल डिटेल्स कोर्ट के समक्ष पेश कर दिए गए हैं. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस को एडमिट कर लिया है और आज इसकी पहली हियरिंग भी हो चुकी है.
लालू परिवार पर लगाए बेहद गंभीर और पुराने आरोप
आकाश यादव ने लालू परिवार के अन्य सदस्यों पर भी बेहद गंभीर और पुराने आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को लालू परिवार की तरफ से लगातार प्रताड़ित और डराया-धमकाया जा रहा है. उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि पूर्व में लालू यादव के परिवार और उनके भतीजे द्वारा उनके पिता का अपहरण भी कराया जा चुका है और उनसे रंगदारी मांगी गई थी, जिसका मामला पभोर थाना में केस संख्या 853/24 के तहत दर्ज है. आकाश ने लालू यादव को एक सम्मानजनक और दिव्य पुरुष बताया, लेकिन राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उनकी मानसिकता को पूर्ण रूप से महिला विरोधी करार दिया.
सुरक्षा की गुहार और न्याय की मांग
आकाश यादव ने बिहार सरकार और प्रशासन से अपने परिवार के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि वे समाज और अपनी प्रतिष्ठा के कारण बहुत सी बातें मीडिया के सामने नहीं लाना चाहते थे, लेकिन अब उनके परिवार पर भय का माहौल है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि आखिर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से फोन करने वाला असली चेहरा कौन है. उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी से कोई विवाद नहीं चाहते और बस यही चाहते हैं कि तेज प्रताप अपनी दुनिया में खुश रहें और उन्हें व उनके परिवार को शांति से जीने दें.
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तेज प्रताप यादव और अनुष्का की वायरल फोटो का क्या है सच? भाई आकाश यादव ने पहली बार तोड़ी चुप्पी!
