तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में चिराग की गैर-मौजूदगी से गरमाई राजनीति, आखिर क्यों बनी यह दूरी?
Dahi Chura Politics: तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में चिराग पासवान की पार्टी की गैर-मौजूदगी से बिहार की राजनीति गरमा गई है. मकर संक्रांति के मौके पर जहां बीजेपी-जेडीयू समेत कई दिग्गज नेता भोज में शामिल हुए, वहीं लोजपा (रामविलास) को न्योता न मिलने पर सवाल उठने लगे हैं. क्या महुआ विधानसभा की हार बनी दूरी की वजह? जानिए पूरी सियासी कहानी और इसके राजनीतिक मायने.
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तेज प्रताप के दही-चूड़ा भोज में चिराग पासवान की गैर-मौजूदगी ने गरमाई राजनीति
बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर 'दही-चूड़ा' भोज हमेशा से राजनीति गरमाते आ रहा है. इस बार लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल और जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने इस भोज का आयोजन किया था. तेज प्रताप ने इस भोज के लिए खुद आमंत्रण कार्ड बांटने से लेकर तैयारियों का पूरा जायजा लिया. तेज प्रताप ने भोज के लिए सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष सबको निमंत्रण दिया लेकिन एक पार्टी की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी. तेज प्रताप की दही-चूड़ा भोज में चिराग पासवान की पार्टी के एक भी नेता नहीं आए जिसे लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई है. आइए विस्तार से समझते हैं पूरी बात.